आईटीएम यूनिवर्सिटी में ‘ग्रीन कैंपस चैलेंज‘ के तहत ‘सस्टेनेबल गणपति मेकिंग और सस्टेनेबल हैंडमेड बास्केट डिजाइन‘ काॅम्पटीशन का हुआ आयोजन
- छात्र-छात्राओं ने मिट्टी, पेपर पल्प, नेचुरल फाइबर और बीजों का उपयोग कर ईको फ्रेंडली गणपति की मूर्तियां बनाईं
- छात्र-छात्राओं को पारंपरिक तरीकों से हटकर सोचने और सस्टेनेबल मटेरियल व डिजाइन काॅन्सेप्ट पर ध्यान देने की जरूरतः डाॅ. सुमन त्रिपाठी
- सस्टेनेबल हैंडमेड बास्केट में अंशिका और सस्टेनेबल गणपति मेकिंग में निशांत रहे अव्वल
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आॅफ आट्र्स एंड डिजाइन (एसओएडी) के अंतर्गत सस्टेनेबल इंटीरियर डिजाइन क्लब द्वारा ‘ग्रीन कैंपस चैलेंज का आयोजन किया गया। इसके तहत ‘सस्टेनेबल गणपति मेकिंग और सस्टेनेबल हैंडमेड बास्केट डिजाइन‘ काॅम्पटीशन का आयोजन किया गया। जहां निर्णायक और मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. सुमन त्रिपाठी शामिल हुईं। इस अवसर पर सस्टेनेबल इंटीरियर डिजाइन क्लब की कोआर्डिनेटर अश्विनी शर्मा, इंटीरियर डिजाइन डिपार्टमेंट के फैकल्टी और सदस्य एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
छात्र-छात्राओं ने मिट्टी, पेपर पल्प, नेचुरल फाइबर और बीजों का उपयोग कर ईको फ्रेंडली गणपति की मूर्तियां बनाईं
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ आट्र्स एंड डिजाइन के अंतर्गत सस्टेनेबल इंटीरियर डिजाइन क्लब द्वारा आयोजित ग्रीन कैंपस चैलेंज के तहत आयोजित काॅम्पटीशन में करीब 45 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और सस्टेनेबल डिजाइन के तरीकों के प्रति अपनी क्रिएटिविटी, इनोवेशन, कारीगरी और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। सस्टेनेबल गणपति मेकिंग काॅम्पटीशन में छात्र-छात्राओं ने मिट्टी, पेपर पल्प, नेचुरल फाइबर, बीज और अन्य सस्टेनेबल संसाधनों जैसी प्राकृतिक बायोडिग्रेडेबल चीजों का इस्तेमाल कर ईको-फ्रेंडली गणपति की मूर्तियां बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस गतिविधि ने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार तरीके से त्योहार मनाने के बारे में जागरूकता बढ़ाई।
वहीं सस्टेनेबल हैंडमेड बास्केट डिजाइन काॅम्पटीशन में छात्र-छात्राओं को आकर्षक बास्केट डिजाइन बनाने के लिए, बेकार और रीसायकल होने वाली चीजों का क्रिएटिव तरीके से दोबारा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस गतिविधि के माध्यम से ‘रिड्यूस, रियूज और रीसायकल‘ यानी थ्री-आर के सिद्धांतों के उजागर किया और साथ ही चीजों के इनोवेटिव इस्तेमाल को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
छात्र-छात्राओं को पारंपरिक तरीकों से हटकर सोचने और सस्टेनेबल मटेरियल व डिजाइन काॅन्सेप्ट पर ध्यान देने की जरूरतः डाॅ. सुमन त्रिपाठी
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ आट्र्स एंड डिजाइन के अंतर्गत सस्टेनेबल इंटीरियर डिजाइन क्लब द्वारा आयोजित ग्रीन कैंपस चैलेंज के तहत आयोजित काॅम्पटीशन में मुख्य वक्ता और निर्णायक के रूप में शामिल हुईं डाॅ. सुमन त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं के काम को रचनात्मकता, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, कारीगरी, उपयोगिता, मटेरियल के इस्तेमाल और कुल मिलाकर प्रस्तुति के आधार पर परखा। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को उपयोगी और रचनात्मक सुझाव भी दिया। उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राएं अपने डिजाइन को और कैसे बेहतर बना सकते हैं, नई संभावनाओं को कैसे तलाश सकते हैं, उपयोगिता कैसे बढ़ा सकते है और अपनी सस्टेनेबल रचनाओं में और ज्यादा इनावेशन कैसे ला सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पारंपरिक तरीकों से हटकर सोचने और सस्टेनेबेल मटेरियल व डिजाइन काॅन्सेप्ट के साथ और क्या किया जा सकता है पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सस्टेनेबल तरीके से तैयार की गईं गणपति प्रतिमाओं को सभी ने सराहा
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ आट्र्स एंड डिजाइन के अंतर्गत सस्टेनेबल इंटीरियर डिजाइन क्लब द्वारा आयोजित ग्रीन कैंपस चैलेंज के तहत आयोजित काॅम्पटीशन के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा सस्टेनेबल तरीके से तैयार की गईं गणपति की प्रतिमाओं को फैकल्टी सदस्यों ने काफी सराहा। कई फैकल्टी सदस्यों ने छात्रों द्वारा बनाई गईं गणपति प्रतिमाएं खरीदकर उन्हें त्योहार के लिए अपने घर ले गए। इससे छात्रों की रचनात्मकता और कारीगरी को प्रोत्साहन मिला तथा उन्हें अपने डिजाइन उत्पादों की वास्तविक उपयोगिता और बाजार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
‘ग्रीन कैंपस चैलेंज’ के माध्यम से छात्रों को डिजाइन थिंकिंग, सामग्री की खोज, कारीगरी, रचनात्मक समस्या-समाधान, सस्टेनेबिलिटी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम ने ‘सस्टेनेबल तरीके से जश्न मनाएं, जिम्मेदारी से डिजाइन करें’ का संदेश देते हुए छात्रों में सस्टेनेबल तौर-तरीकों, रचनात्मकता, पारंपरिक कारीगरी और अनुभव-आधारित सीखने को बढ़ावा दिया।
सस्टेनेबल हैंडमेड बास्केट में अंशिका और सस्टेनेबल गणपति मेकिंग में निशांत रहे अव्वल
- सस्टेनेबल हैंडमेड बास्केट डिजाइन प्रतियोगिता में अंशिका रावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं द्वितीय स्थान पर साक्षी शर्मा और तृतीय स्थान पर सौम्या शर्मा रहीं।
- इसी तरह सस्टेनेबल गणपति मेकिंग प्रतियोगिता में निशांत राजपूत प्रथम स्थान पर रहे। वहीं निशांत सिकरवार ने द्वितीय स्थान और आकाश कुमार सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विजेताओं को उनकी रचनात्मकता, नवाचार, सस्टेनेबिलिटी, कारीगरी, उपयोगिता और प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया।