ग्वालियर।गायत्री शक्तिपीठ द्वारा आयोजित 10 दिवसीय विराट पुस्तक मेला का सोमवार को समापन हो गया। समापन के अवसर पर संत डॉक्टर अनिल बाजपेई ने कहा कि योग ऋषि एवं योग दृष्ट। आचार्य श्रीराम शर्मा द्वारा युग परिवर्तन के संकल्प में साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युग परिवर्तन को निकट भविष्य की सुखद एवं निश्चित घटना निरूपित की। पूज्य संत शीतल दास जी महाराज घाटीगांव ने कहा कि विराट पुस्तक मेले के माध्यम से आचार्य जी ने इन महान कृतियां को इस अंचल की जनता के सामने रखकर समाज विकास का जो महान कार्य गायत्री शक्तिपीठ ने किया है अनुकरणीय है। पूज्य संत अभय कात्यान जी, जो देश में चलने वाली सभी भाषाओं के ज्ञाता है ने कहा कि युग साहित्य मस्तिष्क को भोजन बताते हुए अच्छे एवं श्रेष्ठ साहित्य को पढ़ने पर बल दिया। पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय अखिल कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज की डिजिटल युग में यदि विद्यार्थी सद साहित्य खरीद रहा है तो निश्चित ही भारत का भविष्य उज्जवल है उन्होंने कहा कि आप तो व्यक्ति बनाये देश अपने आप बन जाएगा। यह कार्य गायत्री परिवार द्वारा विधिवत रूप से किया जा रहा है। विदित हो कि न्यायमूर्ति डॉक्टर प्रणव पंड्या के स्कूली शिक्षा में ग्वालियर में सहपाठी रहे हैं।
सभी अतिथियों ने सर्वप्रथम मेले का भ्रमण किया भ्रमण के उपरांत देव मंच पर गायत्री माता गुरुजी एवं माताजी का पूजन किया ।शाब्दिक स्वागत संयोजक यश राजू भंसाली द्वारा किया गया। विचार क्रांति अभियान की जानकारी डॉक्टर संजय गुप्ता, आभार प्रदर्शन सहसंयोजक आर के चोपड़ा एवं भक्ति दर्शन बरोलिया द्वारा किया गया कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर श्रद्धा सक्सेना ने किया। पुस्तक मेले में प्रमुख रूप से बाल निर्माण की कहानी, महापुरुषों का जीवनी, में कौन हूं ,बुद्धि बढ़ाने की वैज्ञानिक विधि, अध्यात्म एवं विज्ञान,मरने के बाद क्या होता है, वेद, पुराण, उपनिषद, गायत्री महाविज्ञान,चेतना की शिखर यात्रा, हमारी वसीयत एवं विरासत, सुनसान के सहचर, गायत्री साधना क्यों और कैसे,स्वस्थ रहने के सूत्र,एवं पुस्तक मेले द्वारा बनाए गए तीन सेट जो की वैवाहिक वर्षगांठ ,बच्चों के जन्मदिवस एवं व्यक्ति की सेवा निवृत्ति की अवसर पर उपहार देने के लिए बनाए गए थे, मेले में लोकप्रिय रहे एवं सबसे अधिक मांग रही।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत शाम 6 बजे से कार्यक्रम स्थल पर कवि सम्मेलन आयोजित किया गया ।कवि सम्मेलन में अनंग पाल सिंह अनंग राज किशोर बाजपेई अभय जगमोहन श्रीवास्तव कमलेश कमल एवं अनिल राही ने सहभागिता की। अनिल राही ने अपनी कविता में सुनाया "किसी के सपनों को यदि करना है साकार, आत्मविश्वास जगाने वाली पुस्तक दो उपहार"आपकी सभी कवियों ने पुस्तकों एवं भक्ति पर अपनी कविताएं प्रस्तुत की। विराट पुस्तक मेले के संयोजक यशराजू भंसाली एवं सहसंयोजक आर के चोपड़ा ने मेला समाप्ति के बाद नगर निगम, बिजली विभाग, कला बीतिका एवं ट्रैफिक पुलिस का आभार व्यक्त किया । संयोजक ने प्रमुख रूप से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया, गायत्री परिजन, गायत्री के सभी केंद्रों, भारत विकास परिषद वीर सावरकर शाखा, राष्ट्रीय योग संस्थान की भूरि भूरि प्रशंसा की उनके बिना यह कार्यक्रम संभव नहीं था। मीडिया के कारण ही पुस्तक मेले का संदेश जन जन तक पहुंचा ।उन्होंने बताया कि 10 दिनों में पुस्तक मेले द्वारा₹1200000 लाख का सद साहित्य स्कूल, महाविद्यालय एवं जनमानस के घर स्थापित कर दिया गया है। बहुत अधिक सस्ती पुस्तक होने के कारण यह राशि बहुत अत्यधिक मानी जानी चाहिए।