आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में तकनीकी क्लबों के लिए शपथ ग्रहण समारोह आयोजित
- स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा पांच तकनीकी क्लबों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह का किया गया आयोजन
- छात्र-छात्राओं को जटिल तकनीकी अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने के साथ प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट पर ध्यान देने की जरूरतः दिव्यांश भारद्वाज
- प्रत्येक क्लब को सार्थक तकनीकी गतिविधियों के साथ नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने पर ध्यान देना चाहिएः प्रो-चांसलर डाॅ. दौलत सिंह चौहान
- छात्र-छात्राओं को ऐसे व्यावहारिक और तकनीक आधारित समाधान विकसित करने चाहिए, जो वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान कर सकेंः वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय
ग्वालियर । आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स (एसओसीआईएस) द्वारा पांच तकनीकी क्लबों के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। संस्थान के एलडीवी ब्लाॅक स्थित सभागार में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दिव्यांश भारद्वाज (टेक्नोलाॅजी एजुकेटर और फुल-स्टैक डेवलपर) शामिल हुए। इस अवसर पर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वातिलयर के प्रो-चांसलर डाॅ.दौलत सिंह चौहान, वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय, एसओसीआईएस की डीन डाॅ. वाणी अग्रवाल सहित विभिन्न प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
छात्र-छात्राओं को जटिल तकनीकी अवधाराओं को सरल तरीके से समझने के साथ प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट पर ध्यान देने की जरूरतः दिव्यांश भारद्वाज
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि दिव्यांश भारद्वाज (टेक्नोलाॅजी एजुकेटर और फुल-स्टैक डेवलपर) ने तकनीक एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में अपने 11 वर्षों से अधिक के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2015 से डेवलपर्स को प्रशिक्षण दे रहा हूं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को जटिल तकनीकी अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने के साथ निरंतर सीखते रहने और प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जिज्ञासु बने रहने और वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने वाले तकनीकी साधन विकसित करने करने का आव्हान किया।
प्रत्येक क्लब को सार्थक तकनीकी गतिविधियों के साथ नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने पर ध्यान देना चाहिएः प्रो-चांसलर डाॅ. दौलत सिंह चौहान
समारोह के अवसर पर आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के प्रो-चांसलर डाॅ. दौलत सिंह चौहान ने छात्र क्लबों को स्वतंत्र रूप से कार्य करते हुए अपनी अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्लब को सार्थक तकनीकी गतिविधियों के साथ नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने, हैकाथॉन में सक्रिय भागीदारी करने और नए व प्रभावशाली विचारों पर आधारित पेटेंट फाइल करने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने नवाचारपूर्ण विचारों को व्यावहारिक समाधानों और बौद्धिक संपदा में बदलने का आव्हान किया। साथ ही, उन्होंने तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता को निरंतर विकसित करने पर जोर दिया।
छात्र-छात्राओं को ऐसे व्यावहारिक और तकनीक आधारित समाधान विकसित करने चाहिए, जो वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान कर सकेंः वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय
समारोह में आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के वाइस चांसलर प्रोफेसर डाॅ. योगेश उपाध्याय ने नवनियुक्त छात्र पदाधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मॉल लैंग्वेज मॉडल्स और एआई एजेंट्स जैसी उभरती तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने तकनीकी क्लबों को इन क्षेत्रों में नवाचार आधारित प्रोजेक्ट तैयार करने और आधुनिक तकनीकी विकास को समझने व अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को ऐसे व्यावहारिक और तकनीक आधारित समाधान विकसित करने चाहिए, जो वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान कर सकें। इससे छात्र-छात्राओं के तकनीकी ज्ञान, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
तकनीकी क्लबों के नवनियुक्त पदाधिकारियों को दिलाई गई शपथ
आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में स्कूल आफ कंप्यूटिंग एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर नेक्सस क्लब, कोड क्राफ्ट क्लब, साइबर शील्ड क्लब, एआई क्लब एवं आईटीएम डेवलपर्स क्लब के नवनियुक्त अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, सचिवों, रिसोर्स हेड्स, कोषाध्यक्षों एवं पीआर व आउटरीच प्रतिनिधियों को बैज प्रदान कर उन्हें अथियों द्वारा नेतृत्व, नवाचार, टीमवर्क, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई गई।