गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हुआ ग्वालियर-चंबल संभाग का पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट
ग्वालियर। ग्वालियर के चिकित्सा इतिहास में रविवार को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। शासकीय गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। ग्वालियर-चंबल संभाग के किसी शासकीय चिकित्सीय संस्थान में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा शासकीय चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक अधोसंरचना, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता इन सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। इस उपलब्धि से ग्वालियर-चंबल अंचल के गंभीर किडनी रोगियों के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के नए द्वार खुल गए हैं। अब उन्हें देश के महानगरों में की तरह अपने शहर ग्वालियर में किडनी के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। छतरपुर निवासी 60 वर्षीय कृष्णकांत गुप्ता की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। जीवन के इस कठिन दौर में उनकी 55 वर्षीय पत्नी मीना गुप्ता ने पति को अपनी किडनी दान कर जीवनदान देने का निर्णय लिया। इसके बाद मरीज और डोनर की आवश्यक मेडिकल जांच, काउंसलिंग, अनुकूलता परीक्षण तथा ट्रांसप्लांट से संबंधित सभी जरूरी प्रक्रियाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी की गईं। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दोनों को 29 अगस्त को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
रविवार सुबह करीब 8.30 बजे किडनी प्रत्यारोपण की जटिल प्रक्रिया शुरू हुई। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञों ने मणिपाल हॉस्पिटल के यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभागाध्यक्ष डॉ. विकास जैन के सहयोग से इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को अंजाम दिया। करीब साढ़े छह घंटे तक चली यह जटिल चिकित्सा प्रक्रिया दोपहर लगभग 3 बजे सफलतापूर्वक पूरी हुई। ट्रांसप्लांट के बाद मरीज और किडनी दान करने वाली उनकी पत्नी, दोनों की स्थिति स्थिर है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी निरंतर निगरानी कर रही है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि कृष्णकांत गुप्ता का किडनी ट्रांसप्लांट आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क किया गया। अंग प्रत्यारोपण जैसी महंगी और जटिल चिकित्सा सुविधा का शासकीय अस्पताल में आयुष्मान योजना के माध्यम से उपलब्ध होना आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद है। ग्वालियर में किडनी ट्रांसप्लांट की इस ऐतिहासिक सफलता में मणिपाल हॉस्पिटल के यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभागाध्यक्ष डॉ. विकास जैन,डॉ. नीलिमा टंडन, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. शिवम यादव, डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. सीमा शिंदे, डॉ. जिंदल, डॉ. नम्रता जैन, डॉ. कुशल तथा ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर कविता और राहुल सहित पूरी चिकित्सा टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।