रक्षाबंधन पर जेल में बंदी भाईयों को बहनों ने बांधी राखी
ग्वालियर। केंद्रीय जेल में रक्षाबंधन का पर्व इस बार भी विशेष तरीके से मनाया गया। जेल प्रशासन ने बंदियों और उनकी बहनों की मुलाकात खुले आसमान के नीचे जेल परिसर में कराई। अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने और उनका हाल-चाल जानने के लिए ग्वालियर सहित आसपास के जिलों से 8 हजार से ज्यादा महिलाएं केंद्रीय जेल पहुंचीं।
मुलाकात से पहले सुरक्षा व्यवस्था के तहत महिलाओं की तीन स्थानों पर कड़ी चेकिंग की गई। इसके बाद ही उन्हें जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। सुरक्षा कारणों से बाहर से किसी भी तरह की सामग्री जेल के अंदर ले जाने पर पूरी तरह रोक रही। जेल प्रशासन की ओर से ही बहनों को राखी, मंगल तिलक के लिए कुमकुम-अक्षत और मिठाई की किट उपलब्ध कराई गई। इसके लिए 200 रुपए शुल्क लिया गया। बहनों ने जेल परिसर में अपने भाइयों का मंगल तिलक कर उन्हें राखी बांधी और मिठाई खिलाई। लंबे समय बाद भाई से मुलाकात और रक्षाबंधन का भावुक माहौल देखकर कई भाई-बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। बहनों ने भाइयों की सलामती और जल्द घर लौटने की कामना की।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
- प्रवेश से पहले महिलाओं की तीन स्तर पर सुरक्षा जांच की गई।
- बाहर से राखी, मिठाई, कुमकुम, अक्षत या अन्य सामग्री लाने पर रोक रही।
- जेल प्रशासन ने अंदर ही राखी, मिठाई और मंगल तिलक की किट उपलब्ध कराई।
- किट के लिए 200 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया था।
- मुलाकात के दौरान पूरे परिसर में CCTV कैमरों से निगरानी रखी गई।
- मोबाइल फोन, मादक पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं थी।
- बहनों ने भाइयों को मंगल तिलक कर राखी बांधी और मिठाई खिलाई।
- भाई-बहन की मुलाकात के दौरान कई भावुक दृश्य भी देखने को मिले।
- कई बहनें भाइयों की सलामती और जल्द रिहाई की कामना करती नजर आईं।