मीरपुआ (फ्रांस)। श्री मतंगेश्वर सेवा समिति, खजुराहो एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के संयोजन में फ्रांस के भक्ति योगा सेंटर में विश्व फ्रेंडशिप डे श्रद्धा, प्रेम और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में यूरोप सहित रूस, इज़रायल, यूक्रेन, ब्राज़ील, अमेरिका एवं इंग्लैंड सहित अनेक देशों से आए श्रद्धालुओं एवं आध्यात्मिक साधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंडित शर्मा ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सदैव विश्व को एक परिवार मानती आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय मित्रता निरंतर सुदृढ़ हुई है तथा विश्व के अनेक देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई दिशा मिली है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि विश्व स्तर पर भारत के आध्यात्मिक संबंधों को सशक्त बनाने वाले महान संतों और आध्यात्मिक विभूतियों की चर्चा की जाए तो पंडित श्री देवप्रभाकर शास्त्री (दद्दा जी), आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, भगवान रजनीश (ओशो) का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि वर्तमान समय में भारत की आध्यात्मिक परंपरा और सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर जन-जन तक पहुँचाने में पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विशेष योगदान दिखाई देता है।
मुख्य अतिथि हरे राम हरे कृष्ण परंपरा के भक्ति सागर जी ने मित्रता के आध्यात्मिक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चा मित्र वह होता है जो जीवन को सही दिशा प्रदान करे। उन्होंने प्रसिद्ध वैदिक प्रार्थना का उल्लेख करते हुए कहा—
त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।
त्वमेव सर्वं मम देवदेव॥
उन्होंने कहा कि गुरु ही जीवन के सबसे बड़े मित्र होते हैं, जो अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाकर जीवन को सफल बनाते हैं।
कार्यक्रम में इंजीनियर सुरेंद्र गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मित्रता केवल सामाजिक संबंध नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, सेवा और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने विश्व फ्रेंडशिप डे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी से मानवता और सद्भाव की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ब्राज़ील के स्वामी मथुरा प्रसाद, योगिनी लुईसा, कृष्ण भक्त राधा रानी, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य, अर्हम ध्यान योग के साधक तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अनुयायियों सहित अनेक आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, प्रेम, मैत्री और मानव एकता की सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने विश्व में मित्रता, सहयोग और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।