ग्वालियर के आकाशवाणी चौराहे पर छात्रों का जनसैलाब, 72 घंटे का शांतिपूर्ण धरना शुरू
ग्वालियर। छात्रों के साथ हो रहे अन्याय, नीट एवं सीबीएसई से जुड़े मुद्दों तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर ग्वालियर के आकाशवाणी चौराहे पर बनाए गए "जंतर-मंतर" पर शुक्रवार शाम से 72 घंटे का शांतिपूर्ण धरना प्रारंभ हुआ। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों की उपस्थिति ने इसे एक व्यापक छात्र आंदोलन का स्वरूप दिया।
धरने का नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेंद्र दर्शन सिंह कर रहे हैं। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
धरने में उपस्थित छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है तथा जब तक छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी आवाज बुलंद होती रहेगी। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
धरना स्थल पर लगातार छात्र, युवा और आमजन पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक स्वार्थ का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के अधिकार और भविष्य की रक्षा का आंदोलन है।