(सौरभ भार्गव)
कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) निवासी आदित्य प्रकाश तिवारी, जो डिप्लोमा मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर के छात्र हैं, तथा उनके पिता शिवानंद तिवारी ने पीके यूनिवर्सिटी की कथित मथुरा शाखा के संचालन को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वर्ष 2022 में उन्होंने मथुरा स्थित संस्थान में प्रवेश लिया, जहां कई सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करने और निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद बाद में उन्हें जानकारी मिली कि विश्वविद्यालय की ओर से कथित रूप से यह कहा गया कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित मुख्य परिसर के अतिरिक्त किसी अन्य राज्य में उसकी कोई अधिकृत शाखा संचालित नहीं है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि यह तथ्य सही है तो मथुरा में संचालित संस्थान किस आधार पर छात्रों को प्रवेश देता रहा, वहां फीस किस अधिकार से जमा कराई गई और छात्रों को मध्य प्रदेश से संबंधित दस्तावेज क्यों जारी किए गए। आदित्य तिवारी का दावा है कि उनके पास फीस जमा करने से संबंधित बैंक रिकॉर्ड, रसीदें तथा अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संस्थान का प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर विभिन्न राज्यों में किया गया, जिससे अनेक छात्र और अभिभावक प्रभावित होकर प्रवेश लेते रहे। शिवानंद तिवारी का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा के लिए वर्षों की जमा-पूंजी खर्च की, लेकिन अब उन्हें उसकी डिग्री की वैधता को लेकर चिंता है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि छात्रों द्वारा सवाल उठाने पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला और कथित रूप से शिकायत आगे बढ़ाने पर डिग्री प्रभावित होने जैसी बातें कही गईं। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि मथुरा में संचालित संस्थान की वैधानिक स्थिति क्या थी, यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित छात्रों के शैक्षणिक और आर्थिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।