3 एमपी नेवल यूनिट एनसीसी, ग्वालियर का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर



एनसीसी ग्रुप मुख्यालय ग्वालियर के समादेशक ब्रिगेडियर अनिल जैथलिया के कुशल मार्गदर्शन में तथा कैम्प कमांडेन्ट कमांडर-एट-आम्र्स दीपक सिंह भदौरिया के निर्देशन में 3 एमपी नेवल यूनिट एनसीसी, ग्वालियर के सीनियर वर्ग का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन विद्या भवन पब्लिक स्कूल ग्वालियर पर किया जा रहा है। आज उक्त शिविर का त्ृतीय दिवस है। 

 शिविर के तृृतीय दिवस पर दैनिक गतिविधियों के अंतरगर्त सुबह समस्त कैडिटों के द्वारा शारीरिक तथा मानसिक प्रशिक्षण के तौर योगा का अभ्यास बाबूलाल पी.ओ. के मार्गदर्शन में किया गया, जिसके पश्चात लगभग 70 कैडिटों को बोट पुलिंग के प्रशिक्षण हेतु तिघरा स्थित यूनिट बोटपूल ले जाया गया, बोट पुलिंग नेवल एनसीसी का एक महत्वपूर्ण जल-कौशल प्रशिक्षण है। इसमें कैडेटस टीम के रूप में नाव को चप्पुओं की सहायता से निर्धारित दिशा और गति में चलाना सीखते है। यह केवल नाव संचालन नहीं बल्कि अनुशासन, टीमवर्क, नेतृृत्व, साहस और कौशल का समन्वित अभ्यास है। नियमित अभ्यास से कैडेट जल में सुरक्षित एवं प्रभावी संचालन करने में सक्षम बनते है।

जो कैडिट बोट पुलिंग से शेष बचे थे उनको शिविर परिसर में ड्रिल का अभ्यास जी. अविनाश पी.ओ. एवं स. ले. जोगिन्दर के निर्देशन में कराया गया, शेष बचे हुए कैडिट को स्विमिंग का प्रशिक्षण योग्य एवं प्रशिक्षित स्विमर से.आॅ. हरेन्द्र सिंह चाहर के निर्देशन में दिया गया। जिसके पश्चात पी.एस. डागुर पी.ओ. एवं स.ले. नरोत्तम निर्मल के द्वारा सीमेनशिप की क्लास ली गई जिसमें नोसैना के जहाजों में प्रयुक्त होने वाले शैकल एवं ब्लाॅक्स के बारे में बताया गया, शैकल एक जोडने वाली धातु की कडी यू या डी आकार का उपकरण होता है जिसका उपयोग दो रस्सियों, चेन, तार, एंकर या अन्य उपकरणों को सुरक्षित रूप से जोडने के लिए किया जाता है। इसमें एक हटाने योग्य पिन लगा होता है जिससे इसे खोला और बंद किया जाता है। ब्लाॅक एक पुली युक्त उपकरण होता है जिसमें पहिया लगा होता है और उसके उपर से रस्सी गुजरती है। इसका उपयोग रस्सी की दिशा बदलने तथा कम बल लगाकर भारी वस्तु को उठाने या खींचने के लिए किया जाता है।  

 विजय शर्मा पी.ओ. द्वारा कम्यूनिकेशन एवं फोनेटिक अल्फाबेट की क्लास ली गई जिसमें उन्होने बताया कि यह एक मानकीकृृत शब्द प्रणाली है जिसका उययोग रेडियो, नौसैना तथा अन्य संचार माध्यमों में अक्षरों को स्पष्ट रूप से बोलने के लिए किया जाता है ताकि संदेश सही तरीके से समझा जा सके और भ्रम पैदा न हो। जब सामान्य अक्षर बोलने पर भ्रम की संभावना होती है, तब प्रत्येक अक्षर के लिए एक निश्चित शब्द प्रयोग किया जाता है। इसके पश्चात साहिल ठाकुर सी.पी.ओ. द्वारा नेवीगेशन की क्लास ली गई जिसकी सहायता से जहाज को दिशा दी जाती एवं गति का निर्धारण किया जाता है। इसी क्रम में सामाजिक सेवा एवं सामुदायिक विकास (सोसल सर्विस एवं कम्यूनिटी डेवलपमेन्ट) के अंतरगर्त इमरजेंसी ब्लड बैंक कस्तूरबा चैराहा कम्पू, ग्वालियर पर स्वैच्छिक तौर से 10 एनसीसी कैडिटों के द्वारा ब्लड डोनेशन किया गया। एवं दोपहर को समस्त एनसीसी कैडिटों को गेस्ट लेक्चर सेबी द्वारा अप्रूव्ड वित्तीय सलाहकार मिस्टर चिरायु शाह द्वारा वित्तीय प्रबंधन पर प्रदान किया गया।

शाम को स.ले. जोगिन्दर के द्वारा राष्टीय सुरक्षा एवं कठिनाइयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया जिसमेें उन्होने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा किसी भी राष्ट्र की स्वतंत्रता, संप्रभुता, अखंडता तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी एक व्यापक अवधारणा है। इसका उद्वेश्य राष्ट्र को आंतरिक एवं बाहरी खतरों से सुरक्षित रखना तथा विकास ओर स्थिरता सुनिश्चित करना है। वर्तमान समय में राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, पर्यावरणीय एवं साइबर सुरक्षा भी शामिल है।

शाम में समस्त एनसीसी कैडिटों द्वारा विभिन्न प्रकार के खेलों का उत्साह पूर्वक आनंद लिया गया।

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