ग्वालियर। महापौर डाॅ. शोभा सिकरवार ने कहा है कि आपकी यह सफलता केवल आपके अंकों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह आपके उस धैर्य, त्याग और निरंतर प्रयास का परिणाम है जो आपने अपनी पढ़ाई के दौरान किया है। जब आप देर रात तक पढ़ते थे, और खेल-कूंद मनोरंजन का त्याग कर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते थे। सच्ची निष्ठा और मेहनत से किया गया प्रयास, कभी असफल नहीं होता। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने अपने उद्बबोधन में कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई नहीं है, बल्कि हर वह चीज जो हमें सिखाती है और बेहतर बनाती है, वह शिक्षा का हिस्सा है। शिक्षा से ही गरीबी, बेरोजगारी और अज्ञानता जैसी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। आज शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था जन उत्थान न्यास के तत्वाधन में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 801 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह मेला परिसर स्थित संस्कृति गार्डन के बैंकेट हॉल में आयोजित किया गया। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर डाॅ. शोभा सिकरवार मौजूद थी, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने की। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माॅ सरस्वती का पूजन एवं द्वीप प्रज्जलित कर किया गया। सम्मान समारोह में स्वागत भाषण चेम्बर के उपाध्यक्ष डाॅ. राकेश अग्रवाल ने दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर डाॅ. शोभा सिकरवार ने अपने उद्बबोधन में कहा कि आपकी इस सफलता के पीछे केवल आपका ही नहीं, बल्कि उन सभी का योगदान है। जिन्होंने हर कदम पर आपका साथ दिया। आपके माता-पिता, जिन्होंने आपके सपनों को उड़ान देने के लिए हर संभव त्याग किया और हमारे वे आदरणीय शिक्षक, जिन्होंने न केवल आपको किताबी ज्ञान दिया, बल्कि आपको जीवन में सही और गलत का फर्क भी सिखाया। वे आपके भविष्य के सच्चे शिल्पकार हैं। उन्होने कहा कि शिक्षा न केवल नौकरी पाने में मदद करती है, बल्कि एक अच्छा इंसान बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन करती है। शिक्षा ही अनुशासन व सही संस्कृति की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से व्यक्ति आत्मनिर्भर बनता है। एक शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने जीवन को सुधार सकता है, बल्कि समाज और देश के विकास में भी योगदान देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये न्यास के अध्यक्ष एवं विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने कहा कि आज न्यास आप सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करके गौराविंत महसूस कर रहा है। आप छात्र-छात्राओं ने अपनी असीम मेहनत, दृढ़ संकल्प और लगन से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता हासिल की है। आप सभी विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम और अनुशासन का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वह वास्तव में सराहनीय है। डाॅ. सिकरवार ने कहा कि छात्र जीवन में शिक्षा का महत्व सबसे अधिक होता है, क्योंकि यह वही समय होता है जब व्यक्तित्व और सोच का निर्माण होता है। सही मार्गदर्शन और प्रेरणादायक विचार एक छात्र को सुनहरे भविष्य की ओर ले जाती है।
कार्यक्रम के अतिथि कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राम पाण्डे ने कहा कि इन प्रतिभाशाली छात्रों की सफलता के पीछे परिवार एवं शिक्षक का सहयोग रहता है। आप सभी छात्र-छात्रा इसी तरह मेहनत से पढ़ाई कर ग्वालियर का नाम रोशन करते रहेंगे। उन्होंने विधायक डाॅ. सीतश सिकरवार की प्रशंसा करते हुये कहा कि विधायक डाॅ. सिकरवार हर वर्ष मेधावीं छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन करते हैं इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए विधायक क्रिकेट प्रीमियर लीग, गरीब कन्याओं का विवाह सम्मेलन, हर समाज का सम्मान समारोह जैसे अनेक आयोजन पूरे साल करते है। विधायक डाॅ. सिकरवार के सभी कार्यों का उल्लेख करू तो समय कम पड जायेगा। विधायक डाॅ. सिकरवार गरीबों के मसीहा बनकर कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन न्यास के सचिव अवधेश कौरव एवं आभार कोषाध्यक्ष अवध धाकरे एवं न्यासी आदित्य सिकरवार ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, पेन सेट भेंटकर एवं पटका पहनाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में ‘‘जैसी करनी वैसी भरनी’’ गीत ने समां बांध दिया, गीत की प्रस्तुति गायक दिलीप शर्मा ने दी। कार्यक्रम में एम.आई.सी सदस्य एवं पार्षद श्रीमती गायत्री सुधीर मण्डेलिया, ब्लाॅक अध्यक्ष श्रीमती रेखा जाटव, श्रीमती सीमा समाधिया, श्रीमती वीणा भारद्वाज, बेताल मामा, ब्लाॅक अध्यक्ष विनोद जैन, राजेश तोमर, अनूप शिवहरे, संदीप यादव, आई.टी. सेल जिलाध्यक्ष आदित्य सेंगर, पार्षद केदार बरहादिया, पार्षद सुरेन्द्र साहू, पार्षद प्रमोद खरे, पूर्व पार्षद रामअवतार जाटव, विजय बहादुर त्यागी, महेश कुशवाह, प्रमोद जैन, के.पी. सिंह भदौरिया, सुरेश प्रजापति, गौरव तिवारी, के.के. शर्मा, नरेन्द्र राजावत, बृजेन्द्र सिंह तोमर ‘कल्लू’, राहुल गुर्जर, प्रतीक जैन, हेमंत शर्मा, हरेन्द्र वर्मा, भूपेन्द्र बघेल, मयंक झा, रामलाल बाथम आदि मौजूद रहे।