पत्रकारिता के माध्यम से करनी होगी पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता
अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय की भूविज्ञान अध्ययनशाला, पत्रकारिता विभाग और विज्ञान महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण जागृति कार्यक्रम और फिल्म निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण चेतना का विकास और वृत्तचित्र निर्माण की बारीकियों को सीखाना था.
कार्यक्रम की पूर्वपीठिका में प्रो एसएन मोहपात्रा ने पृथ्वी दिवस आयोजन की पृष्ठभूमि बताई और पृथ्वी बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण को लोक जीवन में अमल में लाने के लिए पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित किया. विज्ञान महाविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो सुयश कुमार ने कहा कि डिजिटल युग में पत्रकारिता अत्यंत सुलभ और सरल हो गई है. छात्र आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण पर वृत्तचित्रों का निर्माण कर सोशल मीडिया पर जन जागरूकता में भागीदारी कर सकते हैं
छात्रों ने सीखीं फिल्म निर्माण की बारीकियां
अवसर पर आयोजित फिल्म निर्माण कार्यशाला में छात्रों को क्यूब फिल्म इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञों ने स्टोरी आइडिया जनरेशन, शूटिंग और फिल्म एडिटिंग के विषय में जानकारी प्रदान की. इसमें कैमरे एवं मोबाइल का सही उपयोग, लाइटिंग, इनडोर, आउटडोर शूटिंग के बारे में बताया गया
मुरार नदी पर बनाई डॉक्यूमेंट्री
पर्यावरण की जानकारी और फिल्म निर्माण का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए छात्रों ने मुरार नदी में हो रहे प्रदूषण पर डॉक्यूमेंट्री बनाईं. छात्रों को सात समूहों में बांट कर रामउआ बांध से जड़ेरुआ बांध तक का भ्रमण कराया गया. सभी सात समूहों के छात्रों ने बांध के अतिरिक्त मुरार नदी के प्रवाह मार्ग में वीडियो शूटिंग की और डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया.
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजकुमार आचार्य ने फैकल्टी, स्टाफ और छात्रों को बधाई दी