लक्ष्य के प्रति समर्पण व अनुशासित प्रयासों से मिलती है सफलता: कलेक्टर श्रीमती चौहान
ग्वालियर। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवन से सफलता प्राप्त होती है। लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण, समय का सदुपयोग तथा गुरुजनों के प्रति सम्मान व विश्वास, सफलता के मूल मंत्र हैं। यह प्रेरक विचार कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने “विवेकानंद यूथ डायलॉग” विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
राष्ट्रीय युवा दिवस के एक दिन पहले गुरुकुल ड्रीम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चौहान ने यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में अर्जित अपनी सफलता के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल अधिक पढ़ना नहीं, बल्कि क्या पढ़ना है और क्या नहीं पढ़ना है, यह समझ विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। स्वस्थ और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा, ग्रुप डिस्कशन तथा निरंतर आत्ममूल्यांकन हमें सही दिशा प्रदान करते हैं।कलेक्टर श्रीमती चौहान ने युवाओं को सोशल मीडिया के सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह देते हुए पुस्तकों के माध्यम से गहन अध्ययन पर जोर दिया। उन्होंने उपभोक्तावादी सोच (कंज्यूमरिज्म) को कम करने और ज्ञान, कौशल तथा चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जो युवा स्वयं पर निवेश करता है, वही भविष्य का नेतृत्व करता है।”
अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने युवाओं से रचनात्मक सोच विकसित करने, समाज और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने युवाओं की जिज्ञासाओं का सहजता और आत्मीयता से समाधान किया, जिससे संवाद और भी जीवंत हो उठा। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था - सफलता एक दिन की घटना नहीं, बल्कि निरंतर अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास की यात्रा है। सही मार्गदर्शन, स्पष्ट लक्ष्य और अटूट विश्वास के साथ आगे बढ़ने वाला युवा ही न केवल स्वयं सफल होता है, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में गुरुकुल यूथ फाउण्डेशन के संस्थापक श्री आकाश बरूआ तथा सर्वश्री मुकेश अग्रवाल, अनंत शर्मा व आकाश त्रिपाठी सहित युवा व विद्यार्थी शामिल हुए।