तेज़ रफ्तार, बेहतर कनेक्टिविटी और सुदृढ़ संरक्षा: 2025 में झाँसी रेल मंडल की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

वर्ष 2025 झाँसी रेल मंडल के लिए उपलब्धियों भरा रहा. बीते वर्ष में मंडल के नाम कई सफलता रही. मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में लगातार प्रगति करते हुए कई नए मुकाम हासिल किए. झांसी मंडल द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी निम्नवत है:
1. महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु झांसी मंडल से 216 अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इसके अतिरिक्त अत्यधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए 145 ऑन डिमांड ट्रेन मंडल के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ग्वालियर, बांदा, खजुराहो, चित्रकूट धाम कर्वी, ओरछा, ललितपुर आदि स्टेशनों से संचालित की गई। 31 रिंग रेल भी संचालित की गई। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विशेष इंतजाम किए गए, होल्डिंग एरिया तैयार किया गया, अतिरिक्त टिकट काउंटर तथा एटीवीएम मशीन लगाए गए।
2. दीपावली एवं छठ महापर्व के अवसर पर 14 त्योहार विशेष गाड़ियों का संचालन झांसी मंडल द्वारा किया गया।
3. वर्ष 2025 में झांसी मंडल में रेल ट्रैक के दोहरीकरण और ट्रिपल लाइन के काम पर जोर दिया गया. इस वर्ष में 62.31 किलोमीटर की रेल ट्रैक के दोहरीकरण का कार्य सफलतापूर्वक किया गया. मंडल में तीसरी लाइन का काम लगभग सम्पन्न कर लिया गया है, धौरा - जाखलौन रेलखंड पर कार्य 31 जनवरी 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसी क्रम में 28 किलोमीटर के रेल ट्रैक पर आमान परिवर्तन (गेज कन्वर्जन) कार्य भी किया गया. 
4. झांसी रेल मंडल में तीसरी लाइन के निर्माण से ट्रेन की गति में भी बढ़ावा हुआ है. तीसरी लाइन के निर्माण से ट्रेन की स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो गया है.
5. अमृत भारत स्टेशन के तहत चयनित 16 स्टेशन में से 13 स्टेशन का काम पूरा कर लिया गया. इनमें पुखरायां, ओरछा, उरई, छतरपुर स्टेशन, हरपालपुर, चित्रकूट धाम कर्वी शामिल हैं. सभी स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ सुंदर रोशनी से सजाया गया है. ओरछा और पुखरायां का लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया है।
6. इस वर्ष 2 किलोमीटर की खजुराहो कॉर्ड लाइन को शुरू किया गया। इससे उक्त खंड में ट्रेन परिचालन बेहतर हुआ है।
   7.  265.667 किलोमीटर रेल ट्रैक पर W बीम लगाने का कार्य पूर्ण किया गया, इससे ट्रैक  दुर्घटनाओं में कमी आई है. यह कार्य निरंतर प्रगति पर है.
8. 19 समपार फाटक को बंद किया गया, 11 नए रोड अंडर ब्रिज तथा 1 नए रोड ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया 
9. 128.183 किलोमीटर ट्रैक पर NICCO वायर को बदला गया, इससे OHE ब्रेकडाउन के मामले में कमी आई है
10. मुस्तरा स्टेशन पर पारम्परिक लेड-एसिड बैटरी को बदलकर लिथियम-आयन बैटरी का प्रयोग शुरू किया गया 
11. वर्ष 2025 के दौरान यात्रियों की सुविधा एवं क्षेत्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने हेतु उत्तर मध्य रेलवे द्वारा झांसी मंडल से 2 नई रेल सेवाएँ ग्वालियर - बेंगलुरु एक्सप्रेस प्रारंभ की गईं तथा 2 गाड़ियों का विस्तार किया गया, जिससे प्रमुख शहरों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हुआ।
12. यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर–भोपाल सुपरफास्ट एक्सप्रेस की फ्रीक्वेंसी को 5 दिन से बढ़ाकर दैनिक किया गया, साथ ही स्थायी कोच वृद्धि एवं ठहराव सुविधाओं के माध्यम से यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किया गया। कुल 14 ट्रेनों के प्रायोगिक ठहराव (Experimental Stoppages) प्रदान किए गए, जिससे स्थानीय यात्रियों को सुविधा प्राप्त हुई है।
13. विभिन्न सेक्शन में कुल 113 किलोमीटर पर ऑटोमेटिक ब्रेक सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की गई।
14. झांसी मंडल ने इस वर्ष समयपालनता का अब तक सर्वाधिक श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। 28 अगस्त को 97.28% समयपालनता हुई।
15. 7 स्टेशनों पर नए फूट ओवर ब्रिज बनाए गए, 21 स्टेशनों पर दिव्यांगजन सुविधाएं शुरू की गई, 
16. वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बैलास्टलेस ट्रैक का निर्माण कार्य किया गया।
17. वर्ष 2025 में झांसी रेल मंडल को 1530.45 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 5.66% अधिक है।   
18. इस वर्ष मंडल द्वारा टिकट आय के माध्यम से 32.99 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो कि पिछले वर्ष अर्जित किए गए 22.18 करोड़ से 48.74% अधिक रहा यह राजस्व 4.6 लाख प्रकरणों से अर्जित किया गया जो कि पिछले वर्ष दर्ज हुए  3.26 लाख केसों के समकक्ष लगभग 41% अधिक रहा।
19. मंडल के झाँसी स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के क्रम में BOC (बैटरी ऑपरेटिड कार) की सेवा प्रारम्भ की गयी।
20. इस वर्ष आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 5 एस्केलेटर (झांसी-2, ग्वालियर-3) एवं 3 लिफ्ट (दतिया-2, उरई-1 ) लगाए गए हैं।
21. रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झांसी मंडल के अंतर्गत कुल 544 कोचों में से 534 कोचों में एरोसॉल आधारित अग्निशामक यंत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिससे आग से संबंधित आपात स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
22. ऑफिसर्स कॉलोनी तथा पूर्वी रेलवे कॉलोनी में डोर टू डोर कचरा संग्रहन का कार्य शुरु किया गया।

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