दो बहनें बेटे-बेटियों के साथ क्यों कुएं में कूदीं
- शिवपुरी के गूगरपट्टी व सेसई गांव में छह मौतों से गमजदा ग्रामीण
ग्वालियर| किसी की मौत पर कोई जान नहीं देता। यह बात तब अक्सर कही जाती है जब किसी का कोई परिवारीजन उन्हें छोड़कर भगवान के पास चला जाए। मगर शिवपुरी में दो बहनों ने इस बात को गलत साबित कर दिया। पति की मौत के गम में एक गर्भवती ने अपने बेटे के संग कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। यह बात जब मृतका की शादीशुदा बहन को पता लगी तो वह भी बेहद दुखी हुई। उसने भी अपने तीन बच्चों के साथ कुएं में कूदकर खुदकुशी कर ली।
शिवपुरी जिले के गूगरपट्टी गांव में रहने वाले धर्मवीर की तीन सप्ताह पहले सड़क हादसे में मौत हो गई। इससे दुखी उसकी 30 वर्षीय पत्नी ब्रजबाई भयंकर मानसिक अवसाद में आ गई। पति के जाने के बाद आठ माह की गर्भवती ब्रजबाई घर के पास बने कुएं पर पहुंची। उसके साथ दो बेटियां और एक बेटा भी था। दोनों बेटियां स्थिति को भांपकर ब्रजबाई का हाथ छुड़ाकर भाग गईं मगर छह साल का बेटा लेकर ब्रजबाई कुएं में कूद गई। बाद में गांव में उसकी तलाश हुई और कुएं से दोनों के शव निकाले गए। कहते हैं बुधवार को हुई इस घटना के बाद जैसे ही ब्रजबाई की बड़ी बहन कोलारस के सेसई गांव में रह रही सीता रावत को मिली तो वह भी बेहद दुखी हो गई। वह भी बहन के प्रेम में इतनी द्रवित हुई कि बुधवार शाम करीब छह बजे अपनी बेटियों राखी (14), प्रियंका (11) और बेटे श्लोक(6) को लेकर खेत में निकल गई। पति रामसिंह पास में ही बेयर हाउस गए हुए थे। चारों के शव कुएं में तैरते मिले। पत्नी और तीन बच्चों की मौत से रामसिंह का रो-रोकर हाल खराब था। शुक्रवार को सीता रावत व उसके तीनों बच्चों की अर्थी एक साथ जली तो पूरा गांव रो पड़ा। एएसपी रामदास प्रजापति ने कहा कि सेसई में हुए इस मामले की कोई खास वजह सामने नहीं आई है।