ग्वालियर। खेल केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनसे अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। बेटियाँ खेलों के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा रही हैं। यह बात सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायन सिंह कुशवाह ने कही। वे बीते रोज कम्पू स्थित शासकीय कमलाराजा कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता 2026-27 के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जिलों से आईं प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों एवं टीम कप्तानों को सम्मानित किया तथा विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान कर खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
मंत्री कुशवाह ने कहा कि बेटियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हम सभी का दायित्व है। खेलों के माध्यम से बेटियाँ अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि खेल में जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण सहभागिता, निरंतर अभ्यास, समर्पण और खेल भावना होती है।उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे इसी आत्मविश्वास, लगन और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें तथा खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ी अपनी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से भविष्य में प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगी। समारोह में संगठन सचिव एवं महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव, अपर संगठन सचिव एवं क्रीड़ा अधिकारी डॉ. त्रिलोक सिंह चाहर, जीवाजी विश्वविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी केशव सिंह गुर्जर, डॉ. अनिल शर्मा, मनोज भार्गव सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।