बैजातालः न सुंदरता, न हरियाली, पसरी बद्इंतजामी
- स्मार्ट सिटी लगवा रही टाइल्स, फुटपाथ पर गड्ढे
(संजय तोमर)
ग्वालियर। शहर के बीचों बीच बसा बैजाताल बदइंतजामी का शिकार है। भले ही यहां आकर्षक बिजली की सजावट हो रही हो मगर जहां पर्यटक भ्रमण करते हैं वहां अंधकार पसरा रहता है। पूरे क्षेत्र से हरियाली गायब है। ताल की सीढ़ियों पर शाम से देर रात तक घंटों प्रेमी युगल बैठे रहते हैं उन्हें कोई टोकने वाला तक नहीं है। वहीं तालाब का विषाक्त पानी भी काला पड़ गया है। रात में कुछ इलाके तो रोशन होते हैं वहीं कुछेक में घटाटोप अंधेरा छाया रहता है।
मोतीमहल के नजदीक बसे इस बैजाताल का स्ट्रक्चर बेहद खूबसूरत हुआ करता था। कुछ वर्ष पहले इसकी मजबूत व सुंदर बनावट व बीच में बने पक्के तालाब ने इसे पर्यटक स्थल जैसा लुक दे दिया था। धीरे-धीरे इसे विकसित किया जाने लगा। 80 के दशक में इसके बीच बनाए गए विशाल मंच पर सांस्कृतिक आयोजन शुरू हुए। तालाब के बीच बनाए गए तैरते मंच पर जब रंगीन रोशनियों के बीच कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी तो यह तेजी से आमजन के बीच चर्चा में आया। एक के बाद एक आयोजन हुए। इसके बाद तानसेन समारोह की कुछेक प्रस्तुतियां भी आयोजित हुई। इसके बाद स्मार्ट सिटी से इस स्थल का विकास तेजी से शुरू हो गया।
लाइटिंग की कमी
जिस तरह से स्मार्ट सिटी ने थीम रोड व गांधी रोड को रोशन किया उसे हरियाली से आच्छादित किया वैसा बैजाताल में दिखाई नहीं दे रहा है। बैजाताल को भी इसी तरह से सुव्यवस्थित व रोशन किया जा सकता था मगर यहां बने गुंबदों पर तो रोशनी बिखर रही है मगर ताल के पास बनी सीढ़ियों पर रोशनी की कमी है। यहां सीढ़ियों से तालाब को करीब से देखने वाले अंधकार होने पर गिर जाते हैं। ताल की सीढ़ियों पर ही मद्धिम रोशनी नहीं, इसके नजदीक बने फुटपाथ पर भी अंधकार है। फुटपाथ पर इनदिनों टाइल्स लगाई जा रही है। इस वजह से कई जगह गड्ढे रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देते। बस स्मार्ट सिटी के कार्यालय पर रोशनी रहती है।
बोटिंग के शौकीन कम हुए
बैजाताल बेहद छोटा है और यहां बोट भी रखी हुई हैं मगर बोटिंग के शौकीन धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। तालाब में बारिश का गंदा पानी भरने के बाद अब तक साफ नहीं किया है। टिकट लेकर मनोरंजन करने के लिए पर्यटक तो आते हैं मगर वे भी छोटे से तालाब में दूषित पानी देखकर दोबारा नहीं आते हैं।यहां शिवपुरी से आए एक पर्यटक ने कहा कि तालाब से दूषित पानी को साफ किया जाना चाहिए।
गायब हो चुकी है हरियाली
पर्यटकों को ऐसे स्थल पर सबसे पहले हरियाली ज्यादा आकर्षित करती है मगर तालाब के बीच बने मंच पर बीचोंबीच भी हरा-भरा पार्क सूख चुका है। तालाब के इर्द-गिर्द सुंदर तरीके से बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई है मगर इनके करीब से भी हरियाली गायब है। पर्यटकों के लिए पूरे क्षेत्र में टायलेट व पेयजल के इंतजाम भी आसानी से दिखाई नहीं दे रहे हैं।
यातायात इंतजाम खराब
बैजाताल के करीब से गुजर रहे मोतीमहल से गुरुद्वारा की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी लाइन सुबह से शुरू हो जाती है। यह वाहन बिना रुके लगातार विशाल संकरे गेट से होकर निकलते हैं। कई बार यह वाहन जाम लगने से क्षेत्र में अव्यवस्था पैदा कर देते हैं।