जीवाजी क्लब में सच बोलना मना हैं, मनमानी रोकी तो आप दुश्मन नंबर 1
ग्वालियर। शहर के रइसों के क्लब जीवाजी क्लब में सच बोलना मना है। यदि आप यहां सच बोलकर व्यवस्थाओं को सुधारना चाहते है, गड़बड़ी रोकना चाहते है तो आप को ही क्लब में बैठे मठाधीश व पदाधिकारी झूठा साबित कर देंगे, ताकि इनकी मनमानी चलती रहे। अब क्लब को फ्री में दिये जाने का विरोध करने वाले बसंत शर्मा भूरा पंडित की ही आवाज को दबा दिया गया है। उन्होंने श्रीजी इवेंटस को क्लब का तीन नंबर गार्डन फ्री में देने का विरोध किया है, लिखा पढ़ी भी की लेकिन जीवाजी क्लब के पदाधिकारी उसमे मलाई खाकर बैठे है। इस इवेंट से क्लब के सहसचिव केतन अग्रवाल जुड़े है जिन्होंने पिछले वर्ष भी श्रीजी इवेंटस का गरबा आयोजन फ्री में कराकर जीवाजी क्लब को 50 लाख से ऊपर के राजस्व की हानि पहुंचाई थी।
वैसे जीवाजी क्लब में आपको बता दें कि गार्डन नंबर तीन प्रतिदिन डेढ़ लाख रूपये शुल्क पर दिया जाता है, लेकिन गरबा आयोजन के लिये यह गार्डन इस वर्ष भी 45 दिनों के लिये श्रीजी इवेंटस ने फ्री हथिया लिया है। जिससे इस साल भी जीवाजी क्लब को लगभग 67 लाख रूपये के राजस्व से हाथ धोना पड़ेगा। जबकि गार्डन को फ्री में देने का विरोध करने वाले बसंत शर्मा भूरा पंडित का स्पष्ट कहना है कि स्पांसरशिप व विभिन्न कंपनियों फर्म से सहयोग लेने वाली श्रीजी इवेंटस से गार्डन शुल्क लिया जाना चाहिये। विशेष बात यह है कि गार्डन के साथ जीवाजी क्लब की कैंटीन, रेस्टोरेंट में श्रीजी इवेंटस के लोग खुलेआम खाने पीने का आनंद देर रात तक फ्री में ले रहे हैं जिसके हुड़दंग से जीवाजी क्लब के मेम्बरों को दिक्कत हो रही है। इसी प्रकार बिजली, पानी व अन्य सुविधाओं को भी जीवाजी क्लब स्पांसरशिप के नाम पर खुलेआम श्रीजी इवेंटस पर लुटा रहा है।
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