पीडब्ल्यूडी में राज्यपाल के आदेश को भ्रष्टाचार का माध्यम बनाने वालों के खिलाफ सचिवालय ने दिए जांच के आदेश
संजय दीक्षित की शिकायत पर हड़कंप
ग्वालियर। मध्यप्रदेश आरटीआई फाउंडेशन, ग्वालियर के अध्यक्ष एडवोकेट संजय दीक्षित ने महामहिम राज्यपाल महोदय, राजभवन भोपाल को दिनांक 07-09-2026 को 11 पृष्ठीय शिकायत याचिका सौंपी है।
*शिकायत का विषय है — प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता एवं एस.ई. एवं ई.ई. के विरुद्ध मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कराकर लोकायुक्त जांच संस्थित करने बाबत।
संजय दीक्षित ने आरोप लगाया है कि महामहिम राज्यपाल के *आदेश पर* ग्वालियर-चंबल संभाग में ग्वालियर, भिंड, मुरैना एवं दतिया जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं रेनोवेशन के लिए दिल्ली की फर्म *ट्रांसमेटलाइट इंडिया* को *21% अधिक दरों पर* आवंटित किये गये *6 करोड़ 30 लाख* के कार्यों में वित्तीय वर्ष 2023 से आज तक जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
*दीक्षित ने अपनी शिकायत में 4 बड़े खुलासे किये हैं —*
*1.* मप्र शासन लोक निर्माण विभाग के सचिव *आर.के. मेहरा* द्वारा प्रमुख अभियंता के नाम जारी पत्र क्र. *4613 दिनांक 20-09-2023* को दबा दिया गया।
*2.* तत्कालीन मुख्य अभियंता सूर्यवंशी के निरीक्षण में कुल व्यय *6 करोड़ 31.70 लाख* होना पाया गया। जो राशि 5 वर्ष में न्याय की जाना थी, वह *1 वर्ष 5 माह में ही 82% राशि* का भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया। इस पर संजय दीक्षित ने पत्र क्र. *9879 दिनांक 12-09-2025* के माध्यम से दोषी कार्यपालन यंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया, पर आज तक जानकारी नहीं दी गई।
*3.* भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए मुख्य अभियंता (उत्तर) ग्वालियर तथा प्रमुख अभियंता भोपाल के कार्यालय से पी.आई.ओ. के माध्यम से जानकारी देने से इनकार कर दिया गया और राज्य सूचना आयोग के आदेश क्र. *A1501/REWA/2022 दिनांक 26-08-2022* की अवमानना की जा रही है।
*4.* दीक्षित ने मांग की है कि 20-09-2023 से 06-10-2026 तक तैनात रहे समस्त प्रमुख अभियंता, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री एवं भुगतान प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों, थर्ड पार्टी के बिलों, स्वीकृत पेमेंट शेड्यूल तथा किये गये भुगतानों के कथन दर्ज कराये जाएं।
दीक्षित ने कहा है कि कार्य पूर्णता अवधि *06 अक्टूबर 2026* को मद्देनजर रखते हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच माह में पूर्ण करने हेतु मप्र सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्र. *F 11-14/2007/1-9 भोपाल दिनांक 25-04-2007* की गाइडलाइन के तहत जांच सम्पन्न कराके जांच में विहिसिल ब्लोअर के रूप में उन्हें शामिल करने के आदेश जनहित में जारी कर प्रकरण को *मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में पंजीबद्ध कर सी.एम. पोर्टल पर अपलोड* कराया जाए।
दीक्षित के अनुसार इस शिकायत पर *राज्यपाल सचिवालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं* और तीन पत्र जारी किये हैं।