जीवाजी क्लब में सहसचिव के इवेंट शौक से 67 लाख का चूना, भूरा पंडित एजीएम में उठायेंगे मुददा
ग्वालियर। जीवाजी क्लब के प्रतिदिन डेढ़ लाख रूपये वाले गार्डन को 45 दिन के लिये श्रीजी इवेंट्स को फ्री दिये जाने का मामला उजागर होते ही जीवाजी क्लब सदस्यों में आक्रोश है और वह इसकी शिकायत जीवाजी क्लब के संरक्षक केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कर रहे हैं। 45 दिन के लिये दिये जाने से जीवाजी क्लब को लगभग 67 लाख 50 हजार रूपये का चूना लगा है, बिजली पानी का खर्चा अलग जीवाजी क्लब के माथे पड़ेगा। जबकि गार्डन में गरबा कराने प्रशिक्षणार्थियों से श्रीजी इवेंटस बाकायदा वसूली कर रहा है और बड़ी बड़ी वाणिज्यिक फर्म, शोरूम व बड़े व्यवसायियों से आयोजन की स्पांसरशिप के नाम पर मोटी उगाही की जा रही हैं।
इस संदर्भ में शुक्रवार को इस प्रतिनिधि ने जीवाजी क्लब का ग्राउंड नंबर तीन श्रीजी इवेंटस को फ्री में दिये जाने का कड़ा विरोध करने वाले बसंत शर्मा भूरा पंडित से बात की तो उनका कहना था कि श्रीजी इवेंटस पर इतनी मेहरबानी क्यों। इसलिये वह जीवाजी क्लब के सहसचिव केतन करण अग्रवाल की संस्था हैं। भूरा पंडित ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से गरबा आयोजन के नाम पर जीवाजी क्लब को करोड़ों रूपये का चूना लगाया गया है जबकि इस राशि से जीवाजी क्लब का एक बड़ा विस्तार भी हो सकता था। पंडित ने कहा कि मैं इस बात को 11 अक्टूबर को जीवाजी क्लब की एजीएम में पुरजोर तरीके से उठाउंगा, क्योंकि इसमें बड़ी मात्रा में गड़बड़ की जा रही हैं। भूरा पंडित ने कहा कि मेरा अध्यक्ष, राजेन्द्र सेठ व सचिव संजय वर्मा से स्पष्ट सवाल है कि ग्राउंड नंबर 3 फ्री में क्यों दिया गया। क्या आप सभी को फ्री में देंगे। ऐसे तो क्लब का भट्टा ही बैठ जायेगा। जबकि मेरा स्पष्ट आरोप है कि श्रीजी इवेंटस वाले केतन करण अग्रवाल व नितिन अग्रवाल खुलेआम स्पांसरशिप के नाम पर पैसा वसूल रहे है और तो और प्रशिक्षणार्थियों से भी खुलेआम पैसा लिया जा रहा है, तो यह सोशल एक्टिविटीज कहां हुई। यह तो श्रीजी इवेंटस वाले गरबा के नाम पर व्यापार कर रहे हैं। जीवाजी क्लब सदस्य भूरा पंडित ने कहा कि आप किसी से पैसा ले रहे है तो क्लब को भी उसकी फीस चुकाइये। पंडित ने कहा कि यह लोग जीवाजी क्लब की आड़ में व्यापार कर रहे है, जबकि क्लब केवल सदस्यों के लिये या निर्धारित शुल्क देने वालों को ही सेवा दे सकता हैं।