महाराजा माधवराव सिंधिया की स्मृति में सिंधिया स्कूल : हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन-2026
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष की स्वर्गीय महाराजा माधवराव सिंधिया जी की पुण्य स्मृति में सिंधिया स्कूल, दुर्ग ग्वालियर में महाराजा माधवराव सिंधिया स्मृति अंतर्विद्यालयीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गत २५ वर्षों से लगातार आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में भारत के 10 प्रतिष्ठित विद्यालयों ने भाग लिया जिनके नाम कुछ इस प्रकार से हैं- वसंत वैली स्कूल नई दिल्ली, वेल्हम गर्ल्स स्कूल, देहरादून, बिड़ला विद्या मंदिर, नैनीताल, बिड़ला विद्या निकेतन, पिलानी, पाइनग्रोव स्कूल, सुबाथू हिमाचल प्रदेश, संत अतुलानंद कान्वेंट स्कूल, वाराणसी, साइना इंटरनेशनल स्कूल कटनी, सिंधिया कन्या विद्यालय, ग्वालियर ,सिंधिया स्कूल, ग्वालियर। प्रत्येक विद्यालय से तीन प्रतिभागियों ने इस वाद विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वाद विवाद प्रतियोगिता का प्रथम चक्र ऑक्सफोर्ड पद्धति पर आधारित था जबकि द्वितीय चक्र टर्न-कोर्ट पद्धति पर और तृतीय चक्र कैंब्रिज पद्धति पर आधारित था।
प्रथम चक्र में सभी 10 विद्यालयों ने भाग लिया जिसमें से सभी विद्यालय द्वितीय चक्र में पहुंचे और अंतिम चक्र में अंकों पर 4 विद्यालयों ने इस वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लिया। जिसके तीन विषय थे- “वायरल होने की संस्कृति हमारे सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों को समाप्त कर रही है ।” , “ वर्तमान समय में वैश्विक संस्थाएँ अपनी सत्ता और अधिकारों को खो रहे हैं ।” अंतिम चक्र में पहुँचने वाले विद्यालय थे - बिड़ला विद्या मंदिर,नैनीताल, वसंत वैली स्कूल, नई दिल्ली, संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, वाराणसी एवं मेज़बान सिंधिया स्कूल, ग्वालियर और इस चक्र का विषय था -सदन का मत है कि विद्यार्थियों पर त्रिभाषा सूत्र के तहत कम से कम दो भारतीय भाषाएं सीखना अनिवार्य नहीं होना चाहिए।"
“इस बात विवाद प्रतियोगिता के निर्णायकों में हंसराज महाविद्यालय,दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ.प्रभांशु ओझा, किरोड़ीमल महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह व दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय में प्राध्यापक डॉ. अनुराग सिंह प्रमुख रहे। सभी ने छात्रों को वाद-विवाद और विषय की बारीकियों से परिचित करवाया।सभी निर्णय को ने बच्चों को स्वर्गीय महाराज माधवराव सिंधिया के व्यक्तित्व को याद करते हुए उनके दिखाए रास्ते पर चलने का आग्रह किया।
प्रतियोगिता में। सिंधिया स्कूल, ग्वालियर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया दूसरे स्थान पर रही संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल वाराणसी की टीम। अंतिम चक्र में सर्वश्रेष्ठ वक्ता रहे सिंधिया स्कूल के खुश टोडी और संत अतुलानंद स्कूल के छात्र सनत सिंह को सर्वश्रेष्ठ प्रश्नकर्ता का पुरस्कार मिला।
इसी कार्यक्रम के एक अन्य प्रतियोगिता बुनो कहानी कहो ज़ुबानी में प्रथम स्थान प्राप्त किया सिंधिया कन्या विद्यालय की छात्रा श्रुति सिंघल ने। बुनो कहानी की निर्णायिका मंडल में माधव कॉलेज में सहायक प्राध्यापिका डॉ . मन्दाकिनी शर्मा , प्रसिद्ध समाजसेवी, रंगकर्मी व विदुषी श्रीमती अनीता करकरे व प्रसिद्ध रंगकर्मी सुश्री शिल्पी माथुर रहीं , जिन्होंने अपने आशीर्वचनों के साथ प्रतिभगियों को कहानी कला से भी परिचित करवाया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध पत्रकार श्री सत्यप्रकाश शर्मा ने बच्चों को आशीर्वचन देते हुए बच्चों को स्वर्गीय महाराज माधवराव सिंधिया के व्यक्तित्व को याद करते हुए उनके दिखाए रास्ते पर चलने का आग्रह किया। फिर मुख्य अतिथि ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर सिंधिया स्कूल के प्रधानाचार्य श्री अजय सिंह, सह शैक्षणिक कार्यों के प्रभारी श्री मनोज मिश्रा, हिंदी विभागाध्यक्षा श्रीमती रक्षा सीरिया सहित बाहर से आये छात्र -छात्राएं ,शिक्षकगण व विद्यालय के समस्त विद्यार्थी व शिक्षकगण उपस्थित रहे ।