मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का बड़ा असर: ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण में भ्रष्टाचार की पोल खुली, मंत्रालय ने बैठाई जांच
भोपाल/ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के *जन विश्वास अभियान* के तहत ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार और अफसरशाही की मनमानी पर आखिरकार भोपाल से हंटर चला है।
मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग, वल्लभ भवन ने *ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण द्वारा 7 माह से रोके गए कार्य* की जांच के आदेश दिए हैं।
*शासन का आदेश क्रमांक एफ 6/1/0022/2026/बी-65, भोपाल दिनांक 18/08/2026* के तहत उप सचिव *पंकज शर्मा* ने *आयुक्त, एमएसएमई, विंध्याचल भवन* को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट लिखा है -
> "विषयांतर्गत प्रकरण में श्री संजय दीक्षित, अध्यक्ष, भ्रष्टाचार मुक्त विकसित भारत मिशन 2047 के संकल्प को समर्पित मध्यप्रदेश आरटीआई फाउंडेशन, ग्वालियर से प्राप्त पत्र दिनांक 01/08/2026 की छाया प्रति संलग्न है। श्री संजय दीक्षित द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला में की गई अनियमितता की जांच कराने हेतु लिखा गया है। अतः उक्त शिकायत की जांचकर बिंदुवार प्रतिवेदन 07 दिवस में उपलब्ध कराने का कष्ट करें।"
*मामला क्या है?*
आरटीआई फाउंडेशन (गैर सरकारी संस्था) के अध्यक्ष *संजय दीक्षित* ने पहले *दिनांक 21/01/2026 को RTI की धारा 6(1) के तहत* श्रीमंत माधवराव सिंधिया व्यापार मेला प्राधिकरण, ग्वालियर के सचिव को आवेदन दिया था।
आवेदन में म.प्र. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा *"मिशन 2007" के तहत जारी पत्र क्रमांक एफ-11-14/2007/1/9 दिनांक 25 अप्रैल 2007 और पत्र क्रमांक एफ 11-47/2011/1/9 दिनांक 16-12-2011* में वर्णित भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर नियंत्रण हेतु बनाई गई व्यवस्थाओं से संबंधित दस्तावेज, पालन प्रतिवेदन और 01-05-2024 से आज तक प्राप्त शिकायतों पर की गई जांचों की सत्यापित प्रतियां मांगी गई थीं।
आरोप है कि प्राधिकरण के सचिव द्वारा संबंधित फाइल को *अपने निजी उपयोग में लेकर 7 महीनों से पेंडिंग रखा गया और RTI का जवाब तक नहीं दिया* - जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने जैसा है।
जब 7 माह तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, तब श्री दीक्षित ने *मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान* के तहत अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी, जिसके बाद मंत्रालय हरकत में आया और 7 दिन में बिंदुवार जांच रिपोर्ट तलब की गई।
भ्रष्टाचार मुक्त विकसित भारत मिशन से जुड़े श्री दीक्षित ने कहा - "यह जन विश्वास अभियान की जीत है। प्रधानमंत्री के 2047 विकसित भारत के संकल्प के तहत हर विभाग को भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की व्यवस्था सार्वजनिक करनी है। ग्वालियर मेला प्राधिकरण इसे छुपा रहा है। अब दूध का दूध, पानी का पानी होगा।"