प्लायवुड कंपनी एलिक्जर में श्रमिक की मौत, चिकित्सा मिल जाती तो बच जाता
मालनपुर। मालनपुर स्थित प्लायवुड कंपनी एलिक्जर में एक श्रमिक की मौत हो गई। श्रमिक को समय पर प्राथमिक चिकित्सा सहायता मिल जाती तो निश्चित तौर पर उसकी जान बचाई जा सकती थी। श्रमिक की मौत को लेकर अन्य श्रमिकों में आक्रोश हैं।
जानकारी के मुताबिक झांसी निवासी नारायणदास पुत्र घनश्याम दास उम्र 50 मालनपुर में गत वर्ष बनी प्लायवुड कंपनी एलिक्जर में कार्य करता था। 12 सितंबर की सायं चिप्स साइलो के पास फैक्ट्री में काम करते समय नारायण दास की अचानक तबियत खराब हो गई और वह कार्यस्थल पर गिर गये। इस दौरान फैक्ट्री प्रबंधन से न तो उन्हें चिकित्सा सहायता मिली और न ही प्राथमिक उपचार दिया गया। जब अन्य साथी श्रमिकों ने हो हल्ला मचाया तब उन्हें फैक्ट्री प्रबंधन बमुश्किल बिड़ला अस्पताल ग्वालियर ले गया, जहां उपचार के दौरान नारायण दास की मौत हो गई।
फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही
इधर नाराज श्रमिकों का कहना है कि प्लायवुड फैक्ट्री एलिक्जर प्रबंधन ने मामले में लापरवाही बरती, उन्हें प्राथमिक चिकित्सा सहायता ही उपलब्ध नहीं कराई गई। फैक्ट्री प्रबंधन में प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था ही नहीं थी।
मामला दबाने का प्रयास
प्लायवुड कंपनी एलिक्जर प्रबंधन अब श्रमिक नारायणदास की मौत के मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मामले की सूचना मालनपुर पुलिस व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी नहीं दी है, जिससे प्लायवुड कंपनी एलिक्जर के श्रमिकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने इस मामले को मुख्य सचिव, श्रम मंत्री व मुख्यमंत्री के संज्ञान में भेजा हैं।
प्रबंधन का दावा
इधर प्लायवुड कंपनी एलिक्जर के मुख्य कर्ताधर्ता रमन पोददार का कहना है कि श्रमिक नारायण दास कार्य करते समय बेहोश हो गया था। पहले हम उसे राइजिंग हास्पीटल मालनपुर व फिर बिड़ला अस्पताल ग्वालियर ले गये थे, लेकिन उसको ब्रेन हेमरेज हो गया था। पोददार ने बताया कि नारायण दास कान्ट्रेक्ट लेबर में था, इसलिये उसकी पूरी जिम्मेदारी लेबर कान्ट्रेक्टर कंपनी गायत्री की थी और मृतक श्रमिक के हित लाभ दिलाने की जिम्मेदारी लेबर कान्ट्रेक्ट कंपनी की हैं। पोददार ने यह भी कहा कि कंपनी में हम पूरी सुरक्षा ऐहतियात बरतते हैं।