श्री मतंगेश्वर महादेव की भव्य महाआरती में उमड़ा जनसैलाब, क्षेत्र एवं विश्व शांति के लिए हुई विशेष प्रार्थना

खजुराहो। श्रावण मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर श्री मतंगेश्वर सेवा समिति, खजुराहो एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के प्रमुख पंडित सुधीर शर्मा के निर्देशन में भगवान श्री मतंगेश्वर महादेव की भव्य महाआरती श्रद्धा, आस्था एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुई। प्राचीन श्री मतंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की गूंज और दीपों की दिव्य आभा के बीच संपन्न महाआरती ने संपूर्ण वातावरण को शिवमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से खजुराहो क्षेत्र की सुख-समृद्धि, राष्ट्र की उन्नति तथा विश्व में शांति, प्रेम, सद्भाव और मानव कल्याण की कामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना की।

विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह भी रहा कि पंडित शर्मा इन दिनों भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा के वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए यूरोप की सांस्कृतिक यात्रा पर हैं। इसी क्रम में इटली के ऐतिहासिक शहर वेनिस के समुद्र तट पर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं पूजन संपन्न कराया गया, जिसमें भारतीय समुदाय के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय विदेशी नागरिकों ने भी श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य आयोजित इस आध्यात्मिक अनुष्ठान के माध्यम से विश्व शांति, मानव एकता तथा भारतीय संस्कृति के सार्वभौमिक संदेश का प्रसार किया गया। इस आयोजन में स्थानीय लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के प्रति बढ़ते सम्मान को भी प्रदर्शित किया। खजुराहो सहित विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला सराहनीय कार्य बताया। वहीं, उनके मार्गदर्शन एवं निर्देशन में खजुराहो स्थित श्री मतंगेश्वर महादेव मंदिर में श्रावण मास के अंतिम सोमवार की यह भव्य महाआरती भी अत्यंत श्रद्धा एवं भव्यता के साथ संपन्न हुई, जिसने देश और विदेश में सनातन संस्कृति के प्रति बढ़ते विश्वास एवं आस्था का सशक्त संदेश दिया।

महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं के बीच श्री मतंगेश्वर महादेव मंदिर के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व को लेकर भी विशेष चर्चा रही। इसी क्रम में जानकारी साझा की गई कि माउंट आबू स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की वरिष्ठ बहन पुष्पलता जी ने हाल ही में प्रयागराज में पूज्य शंकराचार्य जी महाराज से भेंट कर उन्हें खजुराहो स्थित श्री मतंगेश्वर महादेव मंदिर की प्राचीनता, धार्मिक महत्ता एवं सनातन परंपरा में उसके विशिष्ट स्थान से अवगत कराया। उन्होंने आग्रह किया कि इस प्राचीन शिवधाम को उसकी गौरवशाली परंपरा के अनुरूप ज्योतिर्लिंग के रूप में मान्यता दिलाने की दिशा में सार्थक पहल की जानी चाहिए। मंदिर की विशेषताओं एवं ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत होने के पश्चात शंकराचार्य जी ने भी इस विषय पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि निकट भविष्य में खजुराहो एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय नागरिकों के रोजगार, व्यापार एवं आर्थिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे।

इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष अरुण अवस्थी, भाजपा मंडल अध्यक्ष गौरव सिंह वघेल, उपाध्यक्ष आशाराम पाल, परशुराम तिवारी, एडवोकेट वीरेंद्र तिवारी, शैलेन्द्र यादव, कपिल सोनी, रविंद्र पाठक, अखिलेश शुक्ला, राकेश राजोरिया, मीना अनुरागी, रीना अनुरागी, वीरेंद्र सिगोट, राज रेकवार, टिम-टिम सोनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं शिवभक्तों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के समापन पर युवान कृष्ण राजोरिया ने सभी श्रद्धांलुओं को प्रसाद स्वरूप मेलोडी टॉफियों का वितरण किया। भगवान श्री मतंगेश्वर महादेव के जयघोष से संपूर्ण मंदिर परिसर देर तक गुंजायमान रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता, अनुशासन एवं आध्यात्मिक वातावरण की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे खजुराहो की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया।

आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं सेवाभाव से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता एवं विश्व शांति का संदेश देश-विदेश तक निरंतर प्रसारित किया जाता रहेगा। 

posted by Admin
18

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->