ग्वालियर। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 मुरार में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम एवं क्विज़ प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्था के प्राचार्य श्री प्रबुद्ध गर्ग के कुशल मार्गदर्शन तथा एनसीसी अधिकारी F/O धर्मपाल सिंह बघेल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के 86 एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में F/O धर्मपाल सिंह बघेल ने कैडेट्स को क्षयरोग (टीबी) के विषय में विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी । इसमें टीबी रोग के फैलने के कारण, इसके प्रमुख लक्षण, नवजात शिशुओं को दिए जाने वाले बीसीजी (BCG), टीके के महत्व तथा टीबी से बचाव के विभिन्न उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही, केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में टीबी उन्मूलन हेतु संचालित योजनाओं (जैसे 'निक्षय पोषण योजना' एवं नि:शुल्क डॉट्स/DOTS उपचार प्रणाली) के बारे में कैडेट्स को जागरूक किया गया।
सूचनात्मक सत्र के उपरांत कैडेट्स के ज्ञान और समझ के मूल्यांकन हेतु 10 वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रश्नों की एक क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस क्विज़ का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स के माध्यम से समाज में टीबी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और उन्हें 'टीबी मुक्त भारत' के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। प्राचार्य प्रबुद्ध गर्ग ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि युवा और एनसीसी कैडेट्स समाज में बदलाव के सबसे सशक्त माध्यम हैं। यदि प्रत्येक कैडेट अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों और इसके नि:शुल्क इलाज के प्रति जागरूक करे, तो भारत को टीबी मुक्त बनाने का सपना शीघ्र साकार होगा। एएनओ F/O धर्मपाल सिंह बघेल ने बताया कि एनसीसी कैडेट्स केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं लेते, बल्कि राष्ट्रीय एवं सामाजिक अभियानों में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। आज के इस आयोजन का उद्देश्य कैडेट्स को स्वास्थ्य प्रहरी के रूप में तैयार करना है, ताकि वे अपने क्षेत्र में टीबी जागरूकता का संदेश फैला सकें। कार्यक्रम का समापन टीबी मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के संकल्प के साथ हुई।