राष्ट्र निर्माण में प्रबुद्धजनों की भूमिका अहम, परिवार और समाज में संस्कार जरूरी: सुरेश जैन
ग्वालियर। भारत विकास परिषद मध्य भारत उत्तर प्रांत द्वारा ग्वालियर महानगर में ‘राष्ट्र निर्माण में प्रबुद्ध जनों की भूमिका’ विषय पर वृहद संपर्क बैठक का आयोजन कैंसर चिकित्सालय के शीतला सहाय सभागार में रविवार को आयोजित किया गया। प्रांतीय मीडिया प्रभारी अशोक गर्ग ने बताया की कार्यक्रम के मुख्य वक्ता परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन तथा विशिष्ट अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु राजकुमार आचार्य रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सुरेश जैन ने परिषद के पांच सूत्र—संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण—को रेखांकित करते हुए आत्मनिर्भर समाज निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने नशामुक्ति की आवश्यकता बताते हुए मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से परिवारों में बढ़ती दूरियों पर चिंता जताई।उन्होंने कहा कि मजबूत परिवार ही मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव है। बच्चों को अच्छी शिक्षा व सुविधाओं के साथ संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी, परिवार के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है। संस्कारवान नई पीढ़ी ही स्वस्थ परिवार, सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। कुलगुरु राजकुमार आचार्य ने परिषद के समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सैकड़ों प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की और अतिथियों से विभिन्न विषयों पर संवाद किया। लेखिका प्रिया शर्मा की पुस्तक ‘स्नेह की डोर परिवार’ का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम के पश्चात प्रांतीय कार्यकारिणी की कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। पर्यावरण संरक्षण के तहत कैंसर हॉस्पिटल परिसर में अतिथियों द्वारा 11 छायादार एवं ऑक्सीजनदायी पौधे रोपे गए साथ ही शाखा सहयोग द्वारा कैंसर के मरीजों एवं अटेंडर के लिए चलाए जा रहे निःशुल्क भोजन शाला का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सहसंयोजक आर.के. चोपड़ा, डॉ. संदीपा मल्होत्रा, कार्यक्रम संयोजक अशोक शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। संचालन प्रांतीय महासचिव नीरज अग्रवाल एवं प्रांतीय वित्त सचिव रचना गोयल ने किया। आभार आर.के. चोपड़ा ने व्यक्त किया।