एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में लगभग 40 हज़ार करोड़ के निवेश हुए प्राप्त : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में 51 प्रमुख गतिविधियाँ संपन्न हुई इन गतिविधियों से लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश और 34 हजार से अधिक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त्र हुआ है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 की यात्रा में राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों को पूरा किया है। पिछले 2 टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश को 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। इस अवधि में 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और 4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, जो राज्य सरकार की कार्य गति और आत्मविश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का गौरवशाली अतीत पूरी दुनिया के सामने है और पिछले 12 वर्षों में भारत ने विश्व के सबसे तेज गति से विकसित होने वाले देशों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दे रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि, खनिज और वनों की पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ते हुए प्रदेश आज डिफेंस, ड्रोन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर तक तेजी से प्रगति कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सहित सभी छोटे एवं बड़े उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी उद्योग समूहों को समान रूप से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइंस सिटी, एआई, डीप टेक पार्क और डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एआई सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है।यहाँ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकता है। मध्यप्रदेश की पहचान भारत रत्न से सम्मानित स्व॰ अटल बिहारी वाजपेयी से भी जुड़ी है, जिन्होंने देश के गौरवशाली अतीत से विश्व को परिचित कराया और संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रभाषा हिंदी में अपने विचार व्यक्त किए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हिंदी में विश्व को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और सबसे युवा देश है। देश में प्रगति की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार युवाओं की योग्यता एवं क्षमता का पूरा उपयोग सुनिश्चित करते हुए उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश अब केवल एमओयू तक सीमित नहीं रहकर धरातल पर साकार हो रहा है। स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड और इंडो-जर्मन सहयोग सहित 8 देशों की 10 प्रमुख कंपनियों की 28 हजार 200 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश परियोजनाएँ प्रदेश में ग्राउंडब्रेकिंग चरण में हैं। इनमें स्पेन की सबमर इंडिया प्रा.लि. द्वारा भोपाल में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये (यूएसडी 2 बिलियन डॉलर) के एआई-रेडी डेटा सेंटर की स्थापना, कनाडा की मैक्केन फूड की 3,800 करोड़ रुपये की फूड प्रोसेसिंग इकाई, यूनाइटेड किंगडम की हेलियन (जीएसके) की 3 हजार करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स परियोजना, जापान की टोपान स्पेशियलिटी फिल्म्स की 1,100 करोड़ रुपये की स्पेशियलिटी फिल्म्स इकाई शामिल है।
एक हजार करोड़ रूपये से ज्यादा लागत वाली इन परियोजनाओं के साथ अमेरिका ट्रूयर स्पिलट वाटर्स की रिन्यूएबल्स एनर्जी की 500 करोड़ रुपये की नवकरणीय ऊर्जा परियोजना, दक्षिण कोरिया की बू यंग स्कीकॉर्प की 225 करोड़ रुपये की लेदर एवं फुटवियर इकाई और एफीबार की 207 करोड़ रुपये का मेडिकल डिवाइस पार्क, आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स की 134 करोड़ रुपये की फार्मास्यूटिकल्स इकाई, यूनाइटेड किंगडम की क्लिनीसप्लाइज की 127 करोड़ रुपये की मेडिकल डिवाइस पार्क और इंडो-जर्मन सहयोग से टीडब्ल्यूई ओबीटी प्रा.लि. की 126 करोड़ रुपये की टेक्सटाइल इकाई के कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं। इन निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिजिटल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा रोजगार सृजन को नई गति मिल रही है।
स्पेन का सबमर ग्रुप मध्यप्रदेश में 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) के निवेश से एआई-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करेगा। सबमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ श्री पैट्रिक स्मेल्ट्स ने एमपी टेकग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारत और वैश्विक उद्योगों के बीच रणनीतिक साझेदारी का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव केवल निवेश आकर्षित करने का मंच नहीं, बल्कि राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास संबंधी दूरदर्शी सोच का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जुलाई 2025 में स्पेन के बार्सिलोना में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ हुई सकारात्मक चर्चाओं और निवेश समझौतों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और आईटी क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है।
सीईओ  स्मेल्ट्स ने बताया कि कंपनी द्वारा डेटा सेंटर परियोजना के लिए भूमि आवंटन का पहला आवेदन प्रस्तुत किए जाने के मात्र छह दिनों के भीतर भोपाल के हज्जामपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 60,619.30 वर्ग मीटर भूमि आवंटन की सहमति 12 जुलाई 2026 को एमपीआईडीसी द्वारा जारी कर दी गई। यह भूमि 99 वर्ष की लीज पर आवंटित होगी। डेटा सेंटर बनने से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास तथा उद्योगों के लिए राज्य की त्वरित एवं निवेशक-अनुकूल कार्यप्रणाली का उदाहरण है। सीईओ  स्मेल्ट्स ने कहा कि उद्योगों के लिए अनुकूल इको सिस्टम स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा सरकार का दूरदर्शी विजन और दृढ़ संकल्प मध्यप्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 3 एकड़ में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। लगभग 3 लाख वर्ग फीट निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।
प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जो कौशल विकास, अनुसंधान, उद्योग सहयोग एवं क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करेगा।
भोपाल आईटी पार्क में नया आईटी टॉवर विकसित किया जाएगा, जिससे जीसीसी, आईटी एवं डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए अतिरिक्त प्लग-एंड-प्ले कार्यालय उपलब्ध कराए जाएँगे।
प्रदेश में एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत सरकार के सहयोग से मंथन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा ग्लोबल स्किल्स पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जो नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग को नई गति प्रदान करेंगे।
भोपाल के कोलार क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना से युक्त नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे तकनीकी कंपनियों को शीघ्र संचालन प्रारंभ करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

टेक ग्रोथ कॉनक्लेव निवेशोन्मुखी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा : मुख्य सचिव  जैन
मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 राज्य सरकार की निवेशोन्मुखी नीति के तहत आयोजित कॉन्क्लेव श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी शुरुआत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश एवं विदेश में आयोजित विभिन्न इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव में सहभागिता कर मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया। वर्ष 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि भविष्य आईटी एवं डेटा सेंटर का है और इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश टेक सेक्टर पर विशेष फोकस कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की औद्योगिक निवेश यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश और संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है और डिजिटल एवं टेक्नोलॉजी सेक्टर में अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आ चुका है।


सरकार और उद्योग के बीच संवाद का सशक्त मंच बना कॉन्क्लेव : प्रमुख सचिव  सेल्वेंद्रन
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं डेटा सेक्टर के उद्यमियों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच है। राज्य सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और वैश्विक मांग के अनुरूप उद्योग-अनुकूल नीतियां तैयार की हैं और समय-समय पर उनमें आवश्यक संशोधन भी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन नीतिगत प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश में आईटी क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है और तकनीकी विकास को नई दिशा मिल रही है।प्रमुख सचिव श्री सेल्वेंद्रन ने देश-विदेश से आए उद्योगपतियों, निवेशकों और तकनीकी सहयोगियों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी मध्यप्रदेश को डिजिटल एवं तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

 
20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी इकाइयों का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति प्रदान करते हुए 20 नई औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी आधारित इकाइयों का लोकार्पण किया। इन इकाइयों में 178.70 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1229 नए रोजगार सृजित होंगे। ये इकाइयाँ मुख्य रूप से इंदौर, भोपाल और जबलपुर के आईटी पार्कों में स्थापित की गई हैं। इनमें आईटी/आईटीईएस, ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग) और नवाचार आधारित उद्योग शामिल हैं। इन इकाइयों के संचालन से प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इको सिस्टम को मजबूती मिलेगी तथा निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को नया प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

8 कंपनियों को प्रदाय किए गए भूमि आवंटन के आशय-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेश और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कॉनक्लेव में 8 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं में 203.58 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 1242 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन आवंटनों से इंदौर के सिंहासा आईटी पार्क और भोपाल के बड़वई आईटी पार्क में आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, आईटी अवसंरचना और स्टार्ट-अप इको सिस्टम को सुदृढ़ आधार मिलेगा और प्रदेश में तकनीकी निवेश एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

गूगल प्ले के साथ हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
कॉन्क्लेव में गूगल प्ले के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल क्षमता विकास के क्षेत्र में सहयोग संबंधी महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस साझेदारी से प्रदेश में उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल नवाचार एवं कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

422 करोड़ के पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को सीसीआईपी की स्वीकृति
प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सीसीआईपी ने भोपाल में एमराल्ड कंपनी की 422 करोड़ रुपये की पीसीबी (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) मैन्युफैक्चरिंग परियोजना को स्वीकृति दी है। इस परियोजना से 314 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह निवेश प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगा।

सेमीकंडक्टर यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव है एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव : सीईओ  संतोष कुमार
पारस सेमीकंडक्टर्स के सीईओ  संतोष कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रगतिशील नीतियों और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के समन्वय से प्रदेश में सशक्त एवं भविष्य उन्मुख सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया कि पारस सेमीकंडक्टर्स द्वारा मध्यप्रदेश में भारत की पहली अत्याधुनिक एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओसेट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) इकाई की स्थापना के लिए लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।श्री कुमार ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को सुदृढ़ करने के साथ मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं नवाचार के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा होना गर्व की बात :  रेड्डी
सीटीआरएलएस के रणनीति प्रमुख  सिद्धार्थ रेड्डी ने कहा कि मध्यप्रदेश की तीनों टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का हिस्सा बनना उनके लिए सुखद अनुभव रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने आईटी उद्योग की आवश्यकताओं और निवेशकों की अपेक्षाओं के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से नीतिगत पहल की है। पहली टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में डेटा सेंटर, दूसरी में सेमीकंडक्टर नीति और तीसरी कॉन्क्लेव में जीसीसी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर पर विशेष फोकस किया गया है। श्री रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योग-अनुकूल नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुदृढ़ एवं सतत विकासशील इको सिस्टम विकसित हुआ है।

मुख्यमंत्री का विजन राज्य को तकनीक एवं नवाचार में दिला रहे नई पहचान :  कोटेश्वर
एस्टेरा लैब्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (आईटी) एवं प्रबंध निदेशक  शिवानंद आर. कोटेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी विज़न राज्य को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रहा है। प्रदेश की उद्योग-अनुकूल और दूरदर्शी नीतियों ने वैश्विक निवेशकों के लिए अनुकूल एवं भरोसेमंद वातावरण तैयार किया है। साथ ही, प्रदेश के कुशल एवं नवाचारोन्मुख युवा इस विज़न को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं।  कोटेश्वर ने कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर का है और मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी नीतिगत दूरदृष्टि, तकनीकी क्षमता और मजबूत संकल्प के बल पर मध्यप्रदेश भविष्य में अंतरिक्ष (स्पेस) में डेटा सेंटर स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य बनने की क्षमता रखता है।
कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, एआई, कौशल विकास तथा डिजिटल अवसंरचना जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग्स, उद्योग विशेषज्ञों के की-नोट सत्र, निवेशक सम्मेलन और नीति संवाद आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स, भूमि उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और तेज निर्णय प्रक्रिया की सराहना करते हुए राज्य में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता जताई।

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