शौर्य-वीरता के पर्याय थे सरमन: मेजर रितविक सिंह

- सेना एवं  शहरवासियों ने दी श्रद्धांजलि
ग्वालियर। नगर निगम एवं कारगिल शहीद सरमन सिंह खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था के तत्वावधान में  अमर शहीद हवलदार सरमन सिंह (सेना मेडल) का बलिदान दिवस मनाया गया। सेना द्वारा सलामी देकर श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्य अतिथि मेजर रितविक सिंह ने कहा कि कारगिल का दुर्गम क्षेत्र, ऊंची चोटियां और कम ऑक्सीजन के बीच दुश्मन बंकर बनाकर बैठा था, लेकिन हमारे सैनिकों के शौर्य के आगे घुसपैठिये टिक नहीं पाए। 13 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स और सेकंड राजपूताना राइफल्स को सरकार ने ‘ब्रेवेस्ट ऑफ द ब्रेव’ टैग दिया। शौर्य और वीरता के पर्याय थे सरमन सिंह। स्वामी ऋषभदेवानंद ने कहा कि वीर सरमन का बलिदान युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाता रहेगा। इस मौके पर शहीद एमपी शर्मा की वीर नारी नीलम शर्मा, शहीद सरमन सिंह की वीर नारी सरोज कुमारी और शहीद मनोज राठौर की वीर नारी पिंकी राठौर को सम्मानित किया गया।
संचालन विहवल सेंगर ने किया। कार्यक्रम में सूबेदार मेजर चतर सिंह, लेफ्टिनेंट सारिका माहेश्वरी, थाना प्रभारी आलोक परिहार सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और शहरवासी मौजूद रहे। शाम को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में पंकज अंगार, रवीन्द्र रवि, पदम गौतम, मोहित सक्सेना, पूजा सिंह और हीरेन्द्र ‘हृदय’ ने वीर रस की कविताओं से शौर्य का संचार किया। देर रात तक चला कार्यक्रम वंदेमातरम के साथ समाप्त हुआ।

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