चेंबरः 21 दिन पूर्व असाधारण सभा विधान विपरीत, फर्म सोसायटी में शिकायत
- सब रजिस्ट्रार सोलंकी बोले विधान का पालन होगाग्वालियर। मप्र चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज के चुनावों को अब 18 जुलाई के पूर्व कराना अब टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। चेंबर चुनावों को बढ़ाने को लेकर चेंबर नेता संजीव अग्रवाल कुक्कू द्वारा लगाये गये आवेदन पर असाधारण सभा की बैठक 12 जून को होनी है। लेकिन अब असाधारण सभा की बैठक 12 जून के आयोजन पर चेंबर के एक सदस्य ने मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल व उपपंजीयक फर्म एंड सोसायटी के यहां शरण ली है। इस व्यापारी विजय सोमानी ने आरोप लगाया है कि चेंबर आफ कामर्स एंड इण्डस्ट्रीज की वर्तमान समिति द्वारा विधान के विपरीत कार्य किया जा रहा है।
चेंबर सूत्रों के मुताबिक विजय सोमानी मेसर्स ब्रदर्स डीडवाना ओली लश्कर ग्रुप क्रं 4 सदस्यता क्रं 57 ने सब रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी ग्वालियर को लिखित शिकायत जावक कराई हैं जिसमे कहा गया है कि चेंबर आफ कामर्स एक पंजीकृत संस्था है। इसीलिये संस्था के निर्वाचित सदस्य अर्थात कार्यकारिणी द्वारा विधान की धारा 13(2) के तहत असाधारण सभा आमंत्रित करने की सूचना असाधारण सभा की बैठक के दिनांक से 21 दिन पूर्व प्रसारित की जायेगी। कार्यकारिणी की बैठक 4 जून 2026 को संपन्न हुई, जिसमे यह निर्णय लिया गया कि असाधारण सभा आमंत्रित किया जाना है, जो कार्यकारिणी द्वारा विधान की विपरीत 12 जून को बुलाई गई है। ऐसी असाधारण सभा 12 जून 2026 को हो भी जाती है तो वह असंवैधानिक होगी। अतः 12 जून 2026 की असाधारण सभा निरस्त कर 21 दिन पूर्व सूचना प्रसारित की जाने के निर्देश दिये जाये। ऐसा नहीं किया गया तो संविधान की धारा 13(2) का उल्लंघन होगा, यह माना जायेगा की कार्यकारिणी विधान के विपरीत काम किया जा रहा है।
विजय सोमानी ने सब रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी बीएस सोलंकी से चेंबर की निर्वाचन प्रक्रिाया पर सवाल उठाकर सही विधान के अनुसार कार्य करने के निर्देश जारी करने को कहा है। सोमानी ने यह पत्र चेंबर सचिव को भी भेजा है और जावक कराया है, जिसमे कहा गया है कि असाधारण सभा की बैठक 12 जून की निरस्त कर 26 जून 2026 को आमंत्रित की जाये।
हां चेंबर सदस्य का आवेदन आया हैः सोलंकी
सब रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी बी.एस. सोलंकी ने उत्तरी मप्र की सबसे चर्चित तेज न्यूज वेबसाइट सांध्यदेश डाट काम से चर्चा में स्वीकार किया कि हां आवेदन एक चेंबर सदस्य देकर गये है, उसका अध्ययन कर हम संविधान अनुसार ही कार्रवाई के निर्देश देंगे। सोलंकी ने कहा कि मैं उसको पढ़ रहा हूं और जैसा उचित होगा उसमे वैधानिक प्रक्रिया का पालन होगा।