शिव महापुराण के श्रवण से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैंः अविरल कृष्ण महाराज
ग्वालियर। श्रीराम जानकी मंदिर के 33वें वार्षिक महोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस में कथा व्यास पंडित अविरल कृष्ण महाराज ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को शिव भक्ति का महत्व बताया।
प्रथम दिवस की कथा में महाराज श्री ने बिन्दुक एवं चंचला की पावन कथा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मनुष्य चाहे कितना भी पापमय जीवन क्यों न जी रहा हो, यदि वह सच्चे मन से भगवान शिव की शरण ग्रहण कर ले तो उसका कल्याण निश्चित है। बिन्दुक और चंचला की कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि शिव कृपा से जीव के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं तथा उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाराज श्री ने कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाला दिव्य ज्ञान है। इसकी कथा श्रवण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा का नियमित श्रवण करने एवं भगवान शिव के नाम का स्मरण करने का आग्रह किया।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना एवं भगवान शिव का अभिषेक किया गया। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं। अविरल कृष्ण जी का माल्यार्पण कर स्वागत वीरेंद्र गुप्ता, गोकुल बंसल, श्याम बंसल, संतोष अग्रवाल, मनीष गोयल छोटे, प्रदीप मितल, संजय, संदीप अग्रवाल, प्रमोद गर्ग ने किया।