नगर निगम के नवाचार से उद्यान, चौराहे और डिवाइडर होंगे हरे-भरे, संस्थाओं ने ली जिम्मेदारी
ग्वालियर । शहर की आबोहवा को बेहतर बनाए रखने के लिये शासन-प्रशासन के साथ-साथ अब शहर की सामाजिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों को जोड़ने का एक अभिनव नवाचार शुरू किया गया है। इसमें लोगों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर शहर के उद्यानों, डिवाइडरों और चौराहों को हरा-भरा और सौंदर्यीकृत बनाने का बीड़ा उठाया है।
निगम आयुक्त संघ प्रिय ने नगर निगम के माध्यम से शहर के सामाजिक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों को शहर की आवोहवा को बेहतर बनाने और उद्यानों, चौराहों और डिवाइडरों को हरा-भरा बनाए रखने के लिये सहयोग करने के आह्वान पर शहर की अनेक संस्थाओं और गणमान्य नागरिकों ने न केवल आगे आकर अपनी इच्छा व्यक्त की बल्कि नगर निगम के उद्यानों, चौराहों और डिवाइडरों को हरा-भरा बनाने के साथ-साथ सौंदर्यीकृत करने की भी सहमति दी। प्रथम चरण में शहर के 14 पार्क एवं चौराहों को सामाजिक संस्थाओं एवं शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने गोद लिया है।नागरिकों की सहभागिता से अब शहर के अनेक चौराहों, उद्यानों और डिवाइडरों को हरा-भरा बनाने का कार्य प्रारंभ हो रहा है। नागरिकों की सहभागिता से अब शहर के उद्यानों को व्यवस्थित करने का क्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर निगम आयुक्त संघ प्रिय की पहल पर आयोजित पर्यावरण संरक्षण सम्मेलन में शहर की एक सैंकड़ा से अधिक संस्थाओं, नागरिकों को उद्यानों, चौराहों को हरा-भरा और सौंदर्यीकृत करने के लिये निगम की तरफ से सम्मानित भी किया गया। निगम आयुक्त संघ प्रिय ने बताया कि नगर निगम के माध्यम से शहर के उद्यानों, चौराहों व डिवाइडरों को जनभागीदारी से हरा-भरा और सौंदर्यीकृत करने के उद्देश्य से आह्वान करते हुए इच्छुक लोगों को आमंत्रित किया गया था। निगम की पहल पर शहर की अनेक संस्थाओं ने न केवल इस कार्य में अपनी भागीदारी करने की इच्छा व्यक्त की। बल्कि कई उद्यानों और चौराहों को अपनी संस्था के माध्यम से बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी उठाई है।
नगर निगम की पहल पर जिन सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों ने उद्यानों और चौराहों को हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया है, उनमें दाना-पानी संस्था, वृक्षाल्य, दिव्य ज्योति, जेसीआई, सफल युवा मंच, सरस्वती पर्याय संस्थान, प्रजापति ब्रम्हकुमारी संस्थान, विक्रांत विश्वविद्यालय के साथ-साथ शहर के कई गणमान्य नागरिकों ने भी अपने घर के आसपास के उद्यानों को संवारने की जिम्मेदारी लेने का बीड़ा उठाया है।