शहीद संतों की स्मृति में 10 को सजेगा सुरों का दरबार, बडी शाला में होगा भागवत ज्ञानयज्ञ और श्रद्धांजलि समारोह


ग्वालियर। देश के 1857 के स्वाधीनता संग्राम में बलिदान देने वाले हुतात्मा संतों की स्मृति तथा ग्वालियर घराने के प्रख्यात गायनाचार्य पंडित सीताराम शरण दास जी महाराज की पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी एक दिवसीय रागायन संगीत समारोह, श्रीमद भागवत ज्ञानयज्ञ एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन होगा। 
सिद्धपीठ श्री गंगादास की बडी शाला के श्रीमंहत पूरण वैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवक दास जी महाराज ने उक्त कार्यक्रमों की जानकारी पत्रकारों को देते हुये बताया कि गंगादास की बडी शाला केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि भारतीय इतिहास और संत परंपरा की गौरव गाथा का जीवंत अध्याय है। रामानंदी संप्रदास के 52 द्वारों में प्रमुख स्थान रखने वाली यह तपोभूमि 1857 की क्रांति की भी साक्षी रही है। उन्होंने बताया कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के वीरगति प्राप्त करने के बाद तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत गंगादास जी महाराज ने उनकी पार्थिव देह का अंतिम संस्कार किया था । इस संघर्ष में 745 साधुओं ने भी अपने प्राणों की आहुति देकर संत परंपरा का परिचय दिया था। 
उन्होंने बताया कि 10 जून से 18 जून तक लक्ष्मीबाई कालोनी पडाव स्थित बडी शाला पर कार्यक्रमों की शुरूआत संगीत समारोह सरस्वती पूजन एवं गुरू पूजन के साथ सायं 6 बजे से होगा। इसके उपरांत ग्वालियर घराने के वरिष्ठ गायक पंडित महेश दत्त पांडेय के सानिध्य में संजय देवले, सुजल जैन एवं हेमांग होल्हटकर द्वारा गुरू वंदना प्रस्तुत की जायेगी। इस प्रस्तुति में हारमोनियम पर अनूप मोघे तथा तबले पर अविनाश महाजनी संगत देंगे। समारोह में सुविख्यात कलाकार श्रीमती पद्यमजा विश्वरूप विचित्र वीणा वादन प्रस्तुत करेंगी। उनके साथ पखावज पर संजय ाफले संगत करेंगे। समारोह में ख्याल गायक पंडित जयतीर्थ मेपुण्डी का गायन होगा। उनके साथ हारमोनियम पर अक्षत मिश्रा वायलिन पर पंडित सुभाष देशपांडे तथा तबले पर मधुसूदन कोप्प संगत करेंगे। 
इस अवसर पर ग्वालियर घराने के वरिष्ठ ख्याल गायक पंडित महेशदत्त पांण्डेय को वर्ष 2026 का गायनाचार्य पंडित सीताशरण सम्मान भी प्रदान किया जाएगा। समारोह में मुख्य अतिथि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरू श्रीमती स्मिता सहस्.बुद्धे होंगी। अध्यक्षता सिद्धपीठ श्री गंगादास की बडी शाला के श्रीमंहत पूरण वैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवक दास जी महाराज करंगे। 
संगीत समारोह के उपरांत 11 से 17 जून तक श्रीमद भागवत ज्ञानयज्ञ का आयोजन होगा। इसमें शहीद संतों की पुण्यतिथि और उनके माक्षार्थ श्रीमद भागवत कथा का वाचन भागवताचार्य महंत मदनमोहनदास जी महाराज करेंगे। कथा के परीक्षित स्व कृष्णलाल कटारे एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रामसुखी कटारे हैं। 
कार्यक्रम का समापन 18 जून को प्रातः नौ बजे बडी शाला परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के साथ होगा। इसमें शहीद संतों तथा वीरांगना लक्ष्मीबाई को सामूहिक श्रद्धासुमन अर्पित किये जायेंगे। एक प्रश्न के उत्तर में महंत रामसेवक दास जी महाराज ने बताया कि उन्हें बहुत क्षोभ है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती द्वारा भूमि पूजन के उपरांत भी शहीद स्तंभ आज तक नहीं बन पाया है। उन्होंने अभी हाल में राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है उन्होंने कलेक्टर ग्वालियर की ओर उक्त पत्र को प्रषित कर दिया है। पत्रकार वार्ता में प्रसिद्ध गायक महेशदत्त पांण्डेय , संजय देवले आदि मौजूद थे। 

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