श्री दादाजी धाम धर्मपुरी मंदिर में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ


ग्वालियर। परम पावन पुरुषोत्तम मास के अवसर पर श्री दादाजी धाम धर्मपुरी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। प्रातः 7 बजे फालका बाजार स्थित श्री राम मंदिर (श्रीधाम अयोध्या) से कलश यात्रा प्रारंभ होकर पाटनकर बाजार, दौलतगंज एवं महाराज बाड़ा होते हुए बैंड-बाजों के साथ कथा स्थल श्री दादाजी धाम धर्मपुरी मंदिर पहुंची। यहां मुख्य यजमान राधाकृष्ण कारड़ा एवं श्रीमती संगीता कारड़ा ने विधि-विधान से गणेश पूजन कर श्रीमद्भागवत महापुराण तथा भागवताचार्य जगद्गुरु स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज का पूजन-अर्चन किया।
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विशेष रूप से मातृशक्ति ने 151 कलश सिर पर धारण कर यात्रा की शोभा बढ़ाई। कथा व्यास जगद्गुरु स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज रथ में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान कर रहे थे।

व्यासपीठ से कथा का शुभारंभ करते हुए स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ऐसा सरल एवं दिव्य साधन है, जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य सांसारिक दुखों एवं कष्टों से मुक्ति प्राप्त कर जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझ सकता है। कथा श्रवण से हृदय में भक्ति, प्रेम एवं सद्भाव का उदय होता है तथा आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है।
महाराज श्री ने कहा कि मानव जीवन भगवान का अनमोल उपहार है, जिसका उद्देश्य प्रेम, सेवा और सदाचार का पालन करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान के नाम का स्मरण करते हुए जीवन को सफल बनाने का संदेश दिया। अन्न के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि “संत का क्षण और अन्न का कण कभी व्यर्थ नहीं करना चाहिए।” साथ ही नियमित रूप से सत्संग, भजन एवं कीर्तन करने की प्रेरणा भी दी।
कथा के उपरांत आरती सम्पन्न हुई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में भक्तों ने उपस्थित होकर भक्तिमय वातावरण में कथा श्रवण का लाभ प्राप्त किया।

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