विनय
अग्रवाल
ग्वालियर।
मध्यप्रदेश चेंबर आफ कामर्स के चुनावों की अवधि 3 माह बढाये जाने को लेकर 14
कार्यकारिणी सदस्यों सहित 117 चेंबर सदस्य अपनी मांग पर डटे हैं।
उनका स्पष्ट कहना है कि चेंबर सचिवालय व पदाधिकारियों ने असाधारण सभा की बैठक नहीं
बुलाई तो चेंबर संविधान का उल्लंघन होगा। हालांकि चेंबर ने संजीव अग्रवाल कुक्कू
के व अन्य 117 सदस्यों के पत्र के बाद सिंगल एजेंडा
पर 4 जून को बैठक आहूत कर ली है, अब इस बैठक पर पूरे चेंबर सदस्यों की
निगाह है। इसके 21 दिन बाद असाधारण सभा की बैठक बुलाना
होगी।
चेंबर
आफ कामर्स के विधान के अनुसार धारा 12-1, 12-2 व 12-3के तहत 101 सदस्यों की मांग के बाद असाधारण सभा की बैठक बुलाना हर हालत में
अनिवार्य है। यदि बैठक में चेंबर चुनाव 3
माह बढाने की सहमति बनती है , तो
भी असाधारण सभा की बैठक के लिये चेंबर चुनाव 21
दिन और टलेंगे, जिससे चेंबर चुनाव अगस्त में भी जा
सकते है।
चेंबर
सदस्यों का यह भी कहना है कि 4 जून को
कार्यसमिति बैठक के 21 दिन बाद असाधारण सभा की बैठक हर हालत में
आयोजित की जाना चाहिये, यदि चेंबर पदाधिकारी व चेंबर सचिवालय
असाधारण सभा की बैठक आहूत नहीं करेंगे तो यह चेंबर संविधान का उल्लंघन होगा।
चुनाव
अधिकारी घोषित किये जाये
इधर
कई चेंबर सदस्यों का कहना है कि चेंबर के चुनावों की प्रक्रिया घोषित नहीं हुई , चुनाव अधिकारी तय नहीं है और हाउस ने
अपने प्रत्याशी घोषित कर दिये है, इसीलिये
प्रत्याशियों को चेंबर कार्य से अब बचना चाहिये और शीघ्र ही निर्विवाद योग्य चुनाव
अधिकारी घोषित किया जाना चाहिये।
पहले
भी एक बार चुनाव बढाने की मांग हुई थी
चेंबर
सूत्रों का कहना है कि काफी समय पूर्व भी 101
सदस्यों ने चेंबर चुनाव अवधि बढाने की मांग की थी, लेकिन तब इतनी जोरदार तरीके से मांग नहीं उठी थी, फिर तत्कालीन पदाधिकारी अरविंद अग्रवाल
ने 50 लोगों को फोन कर कर यह मांग वापस कराई
थी, लेकिन अब वर्तमान हालातों में यह संभव
नहीं दिख रहा है।