पेयजल के लिये बिजली आपूर्ति में ढिलाई बरत रहे बिजली कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई: कलेक्टर श्रीमती चौहान

ग्वालियर ए।  नल-जल योजनाओं एवं अन्य पेयजल स्त्रोतों की बिजली आपूर्ति कदापि बाधित न हो। पेयजल स्त्रोतों से जुड़े खराब ट्रांसफार्मर युद्ध स्तर पर बदलें। साथ ही विद्युत आपूर्ति की अन्य बाधायें तत्काल दूर करें। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को दिए। उन्होंने जिले के ग्राम घिरौरा, जतर्थी, सिकरावली, बन्हेरी, डबका सिंहपुर, सिहारा, धनवई, द्वारिकागंज, रतवाई व जग्गूपुरा की नल-जल योजनाओं की विद्युत आपूर्ति में ढ़िलाई सामने आने पर इस क्षेत्र के विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 
सोमवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण अंचल के खराब हैंडपंप तत्काल दुरुस्त कराएं। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि ग्रामीण अंचल में उपलब्ध हैंडपंप मैकेनिक और पीएचई के वेंडर के साथ समन्वय स्थापित कराकर हैंडपंप ठीक कराए जाएं। विभाग द्वारा मैकेनिक के मेहनताने का भुगतान तत्काल किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने उप संचालक कृषि को निर्देश दिए कि जिले के किसानों को गुणवत्तायुक्त व मानक खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके लिये जिले के निजी खाद-बीज भण्डारों से लगातार सेम्पल लेकर प्रयोगशाला में जांच कराएं। उन्होंने सभी एसडीएम को स्थानीय स्तर पर कृषि, सहकारिता व खेती से जुड़े अन्य विभागों के मैदानी अधिकारियों की टीम गठित कर निजी खाद-बीज दुकानों की जांच व सेम्पल लेने की कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। 
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश दिए कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले शतप्रतिशत पढ़ने योग्य बच्चों के नामांकन स्कूलों में अवश्य हो जाएं। उन्होंने समग्र डाटा के आधार पर हरेक गाँव के पढ़ने योग्य बच्चों की सूची तैयार कर ऐसे सभी बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने के निर्देश दिए जिनके प्रवेश अभी तक नहीं हो पाए हैं। इसी तरह आंगनबाड़ी में दर्ज जिन बच्चों ने पाँच वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है, उन सभी बच्चों का भी स्कूलों में नामांकन कराया जाए। कलेक्टर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों का भी इसमें सहयोग लेने के लिये कहा। जिला चिकित्सालय व जच्चा खाना सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में राज्य शासन द्वारा निजी संस्थाओं के माध्यम से मरीजों व अटेंडर्स के लिये आवासीय परिसर संचालित करने का निर्णय लिया गया है। निजी संस्थायें अल्प शुल्क लेकर “नो प्रोफिट – नो लॉस” के सिद्धांत के आधार पर यह आवासीय सुविधा उपलब्ध करायेंगीं। इच्छुक संस्थायें जिला चिकित्सालय मुरार के सिविल सर्जन से संपर्क कर सकती हैं। 

posted by Admin
13

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->