ग्वालियर। जनगणना 2027 के तहत चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन एवं नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है।
अपर आयुक्त मुनीश सिंह सिकरवार ने बताया कि निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देश अनुसार जनगणना 2027 के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनगणना के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से प्रारंभ हो चुका है, जिसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना अनिवार्य है। इसके बावजूद कुछ सुपरवाइजर एवं संबंधित कर्मचारी अपने दायित्वों से अनुपस्थित पाए गए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा बार-बार दूरभाष के माध्यम से सूचना देने के बावजूद संबंधित कर्मचारी कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं।
प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रावधान के अनुसार, जनगणना कार्य में बाधा डालने, सहयोग से इनकार करने या सौंपे गए कार्य को न करने पर संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना एवं कारावास दोनों का प्रावधान है। दोष सिद्ध होने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसे अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन के इस कड़े रुख से यह संदेश साफ है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर आयुक्त सिकरवार ने बताया कि आने वाले दिनों में अनुपस्थित सुपरवाइजरों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकती है, जिससे अन्य कर्मचारियों में भी जिम्मेदारी के प्रति गंभीरता बढ़ेगी।