चेम्बर अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष हेमन्त गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ. राकेश अग्रवाल, मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव पवन कुमार अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष संदीप नारायण अग्रवाल ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि व्यवसायिक सिलेण्डर में की गई बेतहाशा वृद्धि काफी अधिक होने से सबसे ज्यादा प्रभावित देश की MSME इकाईयाँ होंगी, जो कि करोड़ों के राजस्व के साथ हजारों लोगों को रोजगार भी देती हैं । वहीं जो नई इकाईयाँ हैं, वह आगे बढ़े उससे पहले ही बंद होने की कगार पर आ जाएंगी, जिससे ग्वालियर जैसे शहरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, वहीं देश भर के छोटे-छोटे दुकानदार जो कि चाय, कचौड़ी, समोसा बेचते हैं । उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न होगा । इसके साथ ही वैवाहिक कार्यक्रम में भोजन व धर्मार्थ भंडारे इससे बुरी तरह से प्रभावित होंगे तथा मध्यम वर्ग की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा ।
पदाधिकारियों ने कहा है कि कॉमर्शियल गैस सिलेण्डर के मूल्यों में इतनी भारी मूल्य वृद्धि से न केवल खान-पान के बाजार में महंगाई बढ़ेगी, बल्कि छोटे व्यापारियों, रेस्तरां संचालकों और रेहड़ी-पटरी वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा । रु. 993 की एकमुश्त वृद्धि किसी भी तर्क से न्यायसंगत प्रतीत नहीं होती है । लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इस तरह के कठोर निर्णय से आम जनता पर आर्थिक बोझ असहनीय हो जाएगा । पदाधिकारियों ने पुरजोर माँग की है कि इस मूल्य वृद्धि पर तत्काल प्रभाव से पुनर्विचार किया जाए । साथ ही, बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेकर आम जनता और छोटे उद्यमियों को राहत प्रदान की जाए । साथ ही, आशा व्यक्त की गई है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए, इस दिशा में सरकार अवश्य ही सकारात्मक कदम उठाकर, देशवासियों को राहत प्रदान करेगी ।