स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को संपत्ति का कानूनी अधिकार के साथ आत्मसम्मान भी : प्रभारी मंत्री सिलावट
ग्वालियर । स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लाखों परिवारों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों का नया अध्याय जोड़ने की ऐतिहासिक पहल हुई है। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि का वैध स्वामित्व अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराया जा रहा है। इस जनकल्याणकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति हम सब और ग्रामीण जनता सदैव आभारी रहेगी। यह बात जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कही है। उन्होंने ग्वालियर जिले के ग्रामीण अंचल में निवासरत सभी पात्र परिवारों की स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उल्लेखनीय है कि ग्वालियर जिले में स्वामित्व योजना के तहत लगभग 69 हजार 988 आवासीय भूखण्डों के स्वामित्व की रजिस्ट्री संबंधित लोगों को उपलब्ध कराई जायेंगीं। इससे सीधे तौर पर जिले के लगभग 01 लाख 05 हजार 309 हितग्राही लाभान्वित होंगे। योजना के तहत जिले में अब तक 20 हजार 174 रजिस्ट्री तैयार हो चुकी हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी ग्वालियर जिले के 494 ग्रामों के एक लाख से अधिक हितग्राहियों को भू-स्वामी अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं। प्रभारी मंत्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस संकल्प को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा अभियान बतौर स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कराई जा रही हैं। स्वामित्व अभिलेख प्राप्त होने से ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही संपत्ति का क्रय-विक्रय भी कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और परिवारों के लिए आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित होंगे।