दूध-दही के देश में नहीं चलेगा पेप्सी-कोला: कश्मीरी लाल
स्वदेशी मेला-दीपोत्सव 2026 का शुभारंभ, बोले- ऑनलाइन नहीं, मेनलाइन से करें खरीदार
ग्वालियर। “दूध-दही के देश में नहीं चलेगा पेप्सी-कोला” का नारा देते हुए स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल ने कहा कि भारत में स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का समय आ गया है। एक समय विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 33 फीसदी थी, जो घटकर तीन फीसदी रह गई है। यदि इसमें तीन के आगे एक और तीन जुड़ जाएं तो हम पुराने गौरव को फिर हासिल कर सकते हैं। उन्होंने यह विचार बुधवार शाम ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में आयोजित स्वदेशी मेला-दीपोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। 15 दिवसीय यह मेला चार नवंबर तक चलेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की।
कश्मीरी लाल ने कहा कि बाजार जाते समय स्वदेशी सामान खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। लोगों में स्वदेशी के प्रति जागरूकता लाने के लिए देशभर में ऐसे 125 मेले आयोजित किए जा रहे हैं। स्वदेशी का दायरा अब बहुत व्यापक हो गया है। देश में पॉट के साथ रोबोट और आलू के चिप्स के साथ माइक्रोचिप्स भी स्वदेशी होनी चाहिए। भारतीय वैज्ञानिक इस दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं।
ऑनलाइन नहीं, मेनलाइन से करें खरीदारी
कश्मीरी लाल ने कहा कि भारत में हर 12 घरों में एक दुकानदार होता है। हमें अपने स्थानीय दुकानदारों पर गर्व होना चाहिए। कोरोना काल में इन दुकानदारों ने लोगों को उधार सामान दिया और घरों तक पहुंचाया। ऐसे में थोड़े से लाभ के लिए अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी विदेशी कंपनियों से सामान खरीदने के बजाय स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करनी चाहिए। ऑनलाइन खरीदारी के बजाय मेनलाइन से खरीदारी को बढ़ावा देना होगा।
आत्मनिर्भरता से विकसित बनेगा भारत: नरेंद्र सिंह तोमर
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि स्वदेशी हमारा प्रमुख विचार है। ग्वालियरवासियों की जिम्मेदारी है कि वे इस मेले को सफल बनाएं। मेले में आकर स्वदेशी उत्पादों का अवलोकन करने के साथ कुछ न कुछ खरीदकर भी ले जाएं। स्वदेशी का विचार तभी मजबूत होगा, जब हर नौजवान इसे अपनाएगा। इस परिवर्तन में स्वदेशी जागरण मंच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक प्रयासों का भी योगदान है। आत्मनिर्भरता का चिंतन भारत को फिर से विश्व गुरु के पद पर स्थापित करने में सहायक होगा।
स्वदेशी विचार को आचरण में उतारें: बालकृष्ण भरतिया
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालकृष्ण भरतिया ने कहा कि स्वदेशी उत्पाद अपनाने के साथ स्वदेशी विचार को अपने आचरण में भी उतारना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान कर रहे हैं। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी है कि स्वदेशी को जनआंदोलन बनाएं। आजादी के आंदोलन में लाल-बाल-पाल ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान चलाया था। उसी तरह अब स्वदेशी के लिए फिर से आंदोलन खड़ा करना होगा।
स्वदेशी उत्पाद खरीदना भी राष्ट्रभक्ति
लाल टिपारा आदर्श गौशाला के संत ऋषभ देवानंद महाराज ने कहा कि जिस तरह कुंभ मेले में भगवान के भक्त पहुंचते हैं, उसी तरह स्वदेशी मेले में राष्ट्रभक्त आएंगे और स्वदेशी उत्पाद खरीदेंगे। देश में खरीदारी की परंपरा मेलों से मॉल और फिर मोबाइल तक पहुंच गई है। इसे फिर से मेलों और स्थानीय बाजारों की ओर लौटाना होगा।

राष्ट्रीय सह स्वदेशी मेला प्रमुख साकेत सिंह राठौर ने कहा कि स्वदेशी देशभक्ति की अभिव्यक्ति है। स्वदेशी जागरण मंच 35 वर्षों से इस विचार को मजबूत करने में जुटा है। कार्यक्रम का संचालन नीति पांडे ने किया और आभार भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया ने व्यक्त किया।
इस मौके पर स्वदेशी जागरण मंच के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र के सहसंयोजक केशव दुबौलिया, विभाग संघ सहचालक रवि अग्रवाल, मेला प्राधिकरण अध्यक्ष अशोक जादौन, उपाध्यक्ष उदयवीर सिंह गुर्जर, मेला संयोजक आरपी महेश्वरी और कैट के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र जैन मंचासीन रहे।