वैश्य समाज अपने शस्त्र व शास्त्र पूजेगा दशहरे पर, तैयारियां जारी
ग्वालियर। ग्वालियर में वैश्य समाज ने दशहरा पर एक अनूठी परंपरा शुरू कर दी है। यह परंपरा है दशहरे पर सामूहिक शस्त्र पूजन की। पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी वैश्य समाज के लोग दशहरे पर 20 अक्टूबर को अपने शस्त्र पूजेंगे। यह कार्यक्रम सामूहिक तौर पर रंगमहल गार्डन में होगा। इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधिपति श्री जीतेन्द्र माहेश्वरी व उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्ति श्री राजेश गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसमे वैश्य समाज से जुड़े लोग अपने शस्त्र लेकर रंगमहल गार्डन पहुंचेंगे और वहां विद्वान पंडितों द्वारा विधिवत शस्त्र पूजन कराया जायेगा। यह जानकारी वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, जिलाध्यक्ष अजय गोयल व युवा इकाई अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने संयुक्त रूप से दी।
वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि वैश्य महासम्मेलन द्वारा यह अनूठा आयोजन विगत कई वर्षों से किया जा रहा है। इस वर्ष यह वृहद पैमाने पर किया जा रहा है। कार्यक्रम सबसे पहले विधिवत लायसेंसी शस्त्र लाने वाले वैश्य बंधु को पगड़ी बांधी जायेगी। उसके बाद 3.30 बजे से 4.30 बजे तक शस्त्र पूजन का कार्यक्रम पंडितगण करायेंगे। इसके बाद सभी वैश्य वंधुओं का दशहरा मिलन व स्वलपाहार होगा। प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि इस शस्त्र पूजन के कार्यक्रम को लेकर वैश्य समाज में बेहद उत्साह है। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज भगवान राम के पुत्र कुश के वंशज है और इसी कारण हम सभी लोग सूर्यवंशी है और हथियार रखना हमारी परंपरा है। हम लोग भी समाज में भाईचारा और सदभाव बढ़ाने के लिये कार्य करते हैं। महाराजा अग्रसेन के पदचिन्हों पर चलते हुये हम समाजवाद में सभी को साथ लेकर चलते है और सभी के सुख दुख में साथ खड़े है। अग्रवाल ने बताया कि शस्त्र पूजन स्थल पर निशुल्क शस्त्र सर्विस की भी व्यवस्था की गई है। अग्रवाल ने बताया कि दशहरा शस्त्र एवं शास्त्र पूजन के आयोजन की जिम्मेदारी वैश्य महासम्मेलन की युवा इकाई व उसके अध्यक्ष विवेक गुप्ता सम्हाल रहे हैं। अग्रवाल ने सभी शस्त्रधारक वैश्य समाज के लोगों से शस्त्र पूजन समारोह में उपस्थिति का आग्रह किया हैं।
कारतूस न लाये, लायसेंस लेकर आये
प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने वैश्य समाज के सभी लायसेंसी शस्त्रधारकों से अपील की है कि वह शस्त्र के साथ कारतूस इत्यादि न लाये और अपने लायसेंस साथ रखे। अग्रवाल ने शस्त्र पूजन के लिये आने वाले लोगों से यह भी आग्रह किया है कि शस्त्र पूजन समारोह में कानून व्यवस्था बनाये रखें, ताकि आयोजन शांति से और विधिवत पूजन से संपन्न हो सकें और अंचल में अनुकरणीय संदेश जाये।
200 महिलायें भी शामिल होंगी
वैश्य महासम्मेलन के संभागीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने बताया कि शस्त्र पूजन समारोह में वैश्य समाज की मातृशक्ति के रूप में 200 महिलायें भी शामिल हो रही है।