बालिकाओं एवं महिलाओं का निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण 15 से
ग्वालियर। बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मविश्वासी, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ ग्वालियर हेरिटेज एवं दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में 15, 16 एवं 17 अक्टूबर को शासकीय केआरजी कॉलेज, ग्वालियर में आयोजित किया जा रहा है।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए व्लर्ड रिकॉर्ड होल्डर बलवंत सिंह देवडा पहली बार ग्वालियर पधारे हैं। उनके द्वारा बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के लिए सक्षम बन सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन दो बैचों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम बैच प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक तथा द्वितीय बैच दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक संचालित होगा। यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है। कार्यक्रम के संबंध में मुख्य प्रशिक्षक बलवंत सिंह देवडा सहित दोनों आयोजक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, रूपरेखा एवं तैयारियों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ ग्वालियर हेरिटेज की ओर से असिस्टेंट गवर्नर रोटेरियन गजेन्द्र सिंह कुशवाह, अध्यक्ष रोटेरियन विवेक तिवारी, सचिव रोटेरियन जितेंद्र भदौरिया, पूर्व अध्यक्ष शरद भारद्वाज, पूर्व अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, हेमंत सिंह, प्रशांत भदौरिया एवं रोट्रेक्ट आईपीडीआरआर जय सिंह कुशवाहा उपस्थित रहे।
दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति की ओर से अध्यक्ष श्रीमती स्मिता नवीन पवार, उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा भदौरिया, सचिव श्रीमती शोभा पाठक, सहसचिव श्रीमती आरती दांतरे, कोषाध्यक्ष श्रीमती किरण यादव, मंत्री श्रीमती सुनीता खानविलकर, सह मंत्री श्रीमती शोभा त्रिपाठी, सांस्कृतिक सचिव श्रीमती निशा जादौन, सह संस्कृति सचिव श्रीमती मोनिका राणा एवं क्रीडा सचिव श्रीमती पूजा बंसल उपस्थित रहीं। रोटरी क्लब ऑफ ग्वालियर हेरिटेज के अध्यक्ष रोटेरियन विवेक तिवारी एवं दुर्वांकुर लोक कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता नवीन पवार ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर ग्वालियर की बालिकाओं एवं महिलाओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 500 बालिकाओं के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। यह संख्या आत्मरक्षा प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता एवं इसकी आवश्यकता को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना अत्यंत आवश्यक है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना, आत्मरक्षा की व्यावहारिक तकनीकों से परिचित कराना तथा उन्हें किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक एवं शारीरिक रूप से सक्षम बनने हेतु प्रेरित करना है।