छोटे-छोटे बाजारों में जाम, कैसे निपटेगा प्रशासन
- 11 से नवरात्र के आयोजन से लगेंगे बाजारों में जाम
ग्वालियर। त्योहार नजदीक आते ही शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने की जगह बिगड़ती जा रही है। आलम ये है कि शाम होते ही बड़े बाजार ही नहीं छोटे-छोटे बाजारों में जाम लगने लगे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि हर रोज वाहन टकराने के बाद विवाद हो रहे हैं।
नवरात्र की 11 अक्टूबर से शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में शहर के हरेक हिस्से में देवी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। प्रशासन ने देवी प्रतिमाएं स्थापित करने वालों को निर्देश दिए हैं कि वे जिन स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की जाएं वहां अव्यवस्थाएं न होने दी जाएं किंतु कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर प्रतिमाएं स्थापना से पहले ही जाम के हालात बने हुए हैं। उपनगर मुरार व थाटीपुर क्षेत्र में देवी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। दोनों स्थानों पर आयोजन से पहले ही जाम के हालात है। यहां जाम न लगे इसे सुधारने के लिए कोई इंतजाम पुलिस प्रशासन ने नहीं किए हैं। थाटीपुर व मुरार का मुख्य बाजार बेहद संकरा है। फुटपाथी कारोबारी अक्सर इस जाम में मुश्किलें खड़ी कर देते हैं। इन्हें नियंत्रित करने के लिए निगम का अमला कोई प्रयास नहीं करता है।
इन स्थलों से भी जाम
यही हाल पड़ाव क्षेत्र का है। यहां भी देवी प्रतिमाएं स्थापित की जाती है। इन प्रतिमा स्थल के आसपास भी कारोबारी अपने कार्य को अंजाम देते हैं। दिन मे तो कोई ज्यादा दिक्कत नहीं होती मगर रात में यहां काफी भीड़ हो जाती है। व्यस्त रहने वाले इस पूरे क्षेत्र के एक हिस्से को रेलवे स्टेशन का हिस्सा भी छूता है। यात्री कई बार इस देवी स्थल के आसपास से गुजरते हैं।
लश्कर व हजीरा क्षेत्र में भी मुख्य बाजारों के साथ-साथ छोटे बाजार भी वाहनों की रेलम-पेल में उलझे हुए हैं। इस वजह से यहां भीड़ होने पर अक्सर वाहन आपस में भिड़ जाते हैं। हजीरा क्षेत्र में तानसेन रोड से हजीरा तक का मार्ग बेहद भीड़-भाड़ वाला है। यहां पर रात में वाहनों को आने जाने में दिक्कतें होती है।
वहीं शिंदे की छावनी, दौलतगंज व नई सड़क जैसे स्थलों पर देवी प्रतिमाएं स्थापित होने के बाद जाम लगेंगे मगर ट्रैफिक पुलिस केवल शहर के चौराहों पर नजर आएगी।