किसानों की समृद्धि ही हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में बलराम कृषि महोत्सव महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर तक प्रदेश के 55 में से करीब 43 जिलों में जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव आयोजन हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है, हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और जिला अधिकारी सीधे किसानों से संवाद कर रहे हैं। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक कृषि यंत्रों और खेती में नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि कम निवेश में अधिक आमदनी प्राप्त करने के गुर सीखकर किसान अमल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते समय में खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए परम्परागत तरीकों के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। कृषि विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही नई जानकारियां किसानों को बेहतर उत्पादन, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। उन्होंने किसानों से बलराम कृषि महोत्सव में अवश्य भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों की सलाह का भरपूर लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और कृषि क्षेत्र में समृद्धि के नए अवसर पैदा करना है। इसके लिए सभी जरूरी उपाय और प्रबंधन किये जा रहे हैं| इस वर्ष 15 जुलाई 2026 से शुरू हुए बलराम कृषि महोत्सव आयोजन की श्रृंखला में अब तक हजारों किसान इस महोत्सव से लाभान्वित हो चुके हैं। बलराम कृषि महोत्सव खेती-किसानी को घाटे से उबारने, आधुनिक तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने और किसानों को सफलता एवं लाभ के नए आयामों से जोड़ने का सशक्त मंच बन रहा है।
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी सजग हों नागरिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मानसिक स्वास्थ्य दिवस,10 अक्टूबर पर नागरिकों से अपील की है कि सभी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग हों और "तनाव मुक्त मध्यप्रदेश- स्वस्थ मन, स्वस्थ समाज और सशक्त मध्यप्रदेश" के निर्माण की दिशा में एक सामाजिक और सामूहिक संकल्प लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि चिकित्सक समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। ये आवश्यक है कि तनाव मुक्त और स्वस्थ मध्यप्रदेश के लिए सम्मिलित प्रयास हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज तनाव हमारे जीवन के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है। व्यक्तिगत जीवन, परिवार, कार्यस्थल और समाज में बढ़ता तनाव शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ हमारे संबंधों और जीवन शैली को भी प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से युवाओं में तनाव, अकेलापन, चिंता और भावनात्मक असंतुलन कई चुनौतियों को जन्म दे सकता है और उन्हें नशे, हिंसा जैसी हानिकारक प्रवृत्तियों की ओर भी ले जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर से वर्षभर चलने वाली "तनाव मुक्त मध्यप्रदेश" की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को हमेशा शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हार्टफुलनेस संस्था के स्वयं सेवकों द्वारा श्री कमलेश पटेल (दाजी)के मार्गदर्शन में नि:शुल्क ध्यान और आंतरिक संतुलन की सरल पद्धति लोगों तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है।