दाता बंदी छोड़ दिवस पर पुरानी छावनी स्थित 'दाता बंदी छोड़ द्वार' पर सात दिवसीय भव्य लंगर सेवा जारी
*विशाल नगर कीर्तन का किया गया भावुक स्वागत*
ग्वालियर। 8 अक्टूबर गुरुवार को दाता बंदी छोड़ दिवस के पावन अवसर को समर्पित पुरानी छावनी स्थित 'दाता बंदी छोड़ द्वार' पर आयोजित सात दिवसीय विशाल लंगर सेवा के क्रम में आज (8 तारीख) का लंगर बड़े ही श्रद्धा, भक्ति-भावना और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस लंगर सेवा में लगभग 4,000 श्रद्धालुओं ने प्रसादा (लंगर) छका। पूरे शहर की संगत ने अपनी निष्काम सेवा और योगदान के साथ इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
यह पूरा कार्यक्रम सिख फोरम ग्वालियर चंबल संभाग, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में, पुरानी छावनी से प्रारंभ होकर रायरू मार्ग से होते हुए दाता बंदी छोड़ द्वार तक पहुंचे विशाल नगर कीर्तन का संगत द्वारा अत्यंत भव्य और भावुक स्वागत किया गया। इस नगर कीर्तन में लगभग 1,000 श्रद्धालुओं का जत्था शामिल था। नगर कीर्तन में पालकी साहब की अगवाई में संगत गुरुबाणी और भक्ति संगीत का गायन करते हुए आगे बढ़ रही थी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
द्वार पर नगर कीर्तन के आगमन पर संगत ने पंच प्यारों को सिरोपा भेंट कर उनका सम्मान किया तथा जुलूस पर फूलों की वर्षा कर पूरे उत्साह के साथ अगवानी की।
आयोजकों ने बताया कि यह सात दिवसीय लंगर सेवा दाता बंदी छोड़ दिवस के उपलक्ष्य में लगातार जारी है और संगत का उत्साह तथा सेवा भावना देखते ही बनती है।