पढ़ाई के समय पढ़ाई करें और मन लगाकर जिएं : प्रो. विवेक बापट
ग्वालियर। “पढ़ाई के समय पढ़ाई करें और मन लगाकर जिएं। आप उन गिने-चुने बच्चों में से हैं, जिनके अभिभावकों ने आपको यहां पढ़ने के लिए भेजा है। इसलिए अपने कर्तव्यबोध पर भी ध्यान दें। आपका विद्यार्थी जीवन बहुत तेजी से निकलने वाला है, इसलिए इस समय का भरपूर सदुपयोग करें।” यह बात जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलगुरु प्रो. विवेक बापट ने वाणिज्य एवं व्यवसाय अध्ययनशाला में आयोजित छात्र मिलन समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के साथ अपने जीवन को भी आनंद और सकारात्मकता के साथ जिएं।
वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. राजेंद्र खटीक ने अपने स्वागत भाषण में विद्यार्थियों से कहा कि वे एक-दूसरे का सम्मान करें और एक-दूसरे के प्रति समर्पित रहें। उन्होंने कहा कि संस्थान से निकलने के बाद जब कभी एक-दूसरे से मिलें तो उसी आत्मीयता और गर्मजोशी के साथ मिलें, जो आज विश्वविद्यालय में साथ रहते हुए बनी है। विभागाध्यक्ष प्रो. एस. के. सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि भारतीय दर्शन में शिक्षा पूर्ण होने के बाद गुरु दक्षिणा देने की परंपरा रही है, लेकिन हम आपसे बीच में ही गुरु दक्षिणा मांग रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप समय पर सोएं और अपनी नींद पूरी करें- हमें आपसे यही गुरु दक्षिणा चाहिए।” उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया।
विश्व हृदय दिवस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिस प्रकार व्यवसाय में वित्त की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, उसी प्रकार शरीर में रक्त का महत्वपूर्ण स्थान है और रक्त के संचार को बनाए रखने में हृदय की केंद्रीय भूमिका है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने हृदय और संपूर्ण स्वास्थ्य की अच्छी तरह देखभाल करनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपक वर्मा ने किया।