विश्व मंच पर तेजी से बढ रहा भारत का गुरूत्व
(गिरीश कुमार पाल, लेखक, विचारक, योगविद्)
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास और नीतियों से भारत आज विश्वगुरू बनने की ओर है। जीवन में कठोर अनुशासन और मन में भारत माता के प्रति असीम प्रेम ने एक साधारण कार्यकर्ता को विश्व का सबसे लोकप्रिय नेता बना दिया। आज पूरा विश्व उसकी ओर एक आशा भरी निगाह से देखता है, आधुनिक संस्साधनों का विकास हो या अपने देश की पहचान सनातन संस्कृति और संस्कार सभी को साथ लेकर चलन वाले इस राजर्षि ने आज अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से बता दिया है, कि किसी भी प्रदेश का मुख्यमंत्री या देश का प्रधानमंत्री एक शासक नहीं सेवक होता है, ऐसा सेवक जिसके जीवन का एक एक पल अपने देश और समाज के उत्थान और विकास को समर्पित हो। मोदी ने साबित कर दिया कि अत्यंत साधारण से परिवार से निकलने वाला एक युवा भी सही प्रशिक्षण और समर्पण सी शिक्षा से ना सिर्फ स्वयं के लिए अपितु पूरे परिवार, समाज और राष्ट के लिए एक अभूतपूर्व योगदान दे सकता है।
असम्भव को संभव में बदलने की कला
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में असम्भव को सम्भव में बदलने की कला है, उन्होने जम्मू कश्मीर में धारा 370 को हटाने का सहासिक प्रयास किया और उसे कर दिखाया ये एक बहुत बडी बात है। वहीं श्रीराम जन्मभूमि के विवाद को समाप्त कर वहां भव्य रामलला का मंदिर स्थापित करवाने का जो कार्य किया वह असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया है। बिना किसी रक्तपात के ये मुद्दे भी बडी सफलता का प्रमाण है। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर सदियों से सनातनियों की छाती पर खडी बाबरी मस्जिद का सप्रमाण हटाकर वहां एक भव्य दिव्य मंदिर का निर्माण ंहुआ और पूरे अवध की भविष्य की नियति तय कर दी। वहीं सर्जिकल स्टाईक भी मोदी के असाधारण निर्णय और नेतृत्व क्षमता का ही प्रमाण है। जिसमें पाकिस्तान का घर में घुसकर मारा और चोट ऐसी गहरी दी कि आज तक पाकिस्तान उस दर्द से कराह रहा है।
आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरा भारत
विपक्ष के नेताओं ने जिसे एक चाय बेचने वाला कहकर अपमानित किया उसी चाय बेचने वाले नेता के नाम से चाय पर चर्चा जैसे विषय आज आम मुहावरा बन गया। देश की आर्थिक व्यवस्था पर भीतर से आघात करने वाली नकली करेंसी की ठोस जानकारी मिलने पर एक रात में ही नोटबंदी जैसा ऐतिहासिक निर्णय लिया और नकली करेंसी खपाने वाली विदेशी ताकतों और उनके आकाओं का घुटनों पर ला दिया। वहीं मेक इन इण्डिया, वोकल फॉर लोकल के नारों ने पूरे देश के युवा व्यवसायिओं और उद्योग जगत में एक नई चेतना भर दी जिसके चलते चीन जैसे देशों का आयात घटा और भारत स्वावलंबी बना। वहीं बैंकिंग व मुद्रा प्रचलन के लिए सबसे बडी क्रांति बनकर आई यूपीआई तकनीक ने पूरे विश्व को भारत की ओर आकर्षित कर दिया। आज अनेक देश हमारे यूपीआई तकनीक को अपना रहे हैं। अनेक नए उद्योग, रिफायनरीज की स्थापना विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए आज खडे हो रहे हैं। भारत विश्व मंच पर एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदार दास मोदी के कारण ही बना।
रक्षा तंत्र और सीमाओं की सुरक्षा में मजबूत हुआ भारत
आज भारत की रक्षा उपकरणों की कम्पनियों को वैश्विक स्तर से आर्डर मिल रह है। अनेक प्रकार की आधुनिक तकनीक से बने स्वदेशी रक्षा उपकरण और मिसाइल, टैंक और युद्धपोत भारत की ढाल बनकर खडे है। देश में रक्षा तंत्र मजबूत हुआ है, सीमाओं पर टनल और सडकों का जाल बिछाकर सेना को आपातकाल स्थिति में रसद पहुंचाने में सक्षम बनाया। वहीं अग्निवीर जैसी अभूतपूर्व योजना जिसमंे कुछ वर्ष सेना में सेवा देकर युवा पीढी में सैन्य अनुशासन और देशप्रेम जगाने का जो अदभुत कार्य नरेन्द्र मोदी ने किया वह उल्लेखनीय है। भारत की रक्षा कम्पनियांे की आधुनिक तकनीकी की स्वीकार्यता बढने का ही परिणाम है, कि आज भारत की कम्पनी अपनी स्वदेशी मंत्र के बल बड मात्रा में उत्पादन कर अपने उत्पाद अन्य देशों को बेच रही हैं।
कोरोनो जैसी महामारी में भारत बना अन्य देशों का संबल
कोरोना महामारी में जब पूरे विश्व में त्राहि त्राहि मची हुई थी, लोग समाचार एजेन्सियों से प्राप्त सूचनाओं और जानकारियों से भयग्रस्त हो गए, जीवन को बचाने का कोई मार्ग नहीं दिख रहा था। अत्याधुनिक तकनीकी सम्पन्न विकसित अनेक देशों में हजारों की संख्या में लोग मर रहे थे, तब भारत के प्रधानमंत्री ने लोगों का मनोबल बनाए रखा और बहुत कम समय में कोरोना की दो स्वदेशी वैक्सीन बनवाकर पूरे देश में बहुत कम समय में अपने देशवासियों को निःशुल्क लगवा दी। इतना ही जिन पडोसी देशों ने हमसे वैक्सीन मांगी उन्हे भी उपलब्ध करवाई। अनेक देशों को भारत ने कोरोना की वैक्सीन भेजी। आज भारत के पडोसी देशों से संबध पिछले नेताओं के कार्यकाल की अपेक्षा सुधरे है, और भी प्रगाढ मैत्रीपूर्ण संबध स्थापित हुए है। श्रीलंका और नेपाल के साथ बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन में भारत ने अभूतपूर्व सहयोग किया, जिसके लिए आज भी ये देश भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हैं।
एक लोकप्रिय वैश्विक नेता हैं मोदी
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पूरे विश्व के लोकप्रिय नेता है, पूरा विश्व आज शांति और विकास के लिए भारत की ओर देखता है। भारत का रूपया आज विश्व मंच पर अपना एक विशिष्ट स्थान रखता है। आदर्श जीवन शैली के लिए योग, सर्वांगीण विकास के लिए योग, विश्व शांति की कामना के लिए योग के भाव को पूरे विश्व मंच पर लाते हुए 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में स्थापित करवाया। स्व का बोध और स्वदेशी के प्रति अभिमान का भाव हर देश के नागरिक में हो। जो देश अपनी संस्कृति और धरोहरों छोडकर आधुनिक हो रहे है, वे आज रो रहे है, ऐसे में अपनी स्वभाषा, धरोहर और संस्कार, संस्कृति से जुडकर विकास करने का गुरूमंत्र अनेक देश भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से रहे हैं। अपने देश, समाज और स्वर्णिम भविष्य को गढने की योजनाओं के प्रति कैसे समर्पित जीवन जिया जाता है, मोदी से सीख रहे हैं। मोदी एक व्यक्तित्व नहीं बल्कि एक विचार है, जो व्यक्ति उसे आत्मसात कर गया उसका पूरा जीवन बदल गया। आज पूरा विश्व अत्यंत सम्मान और आदर से मोदी से सीख रहा है। आधुनिक समस्याओं का समाधान कैसे अपनी संस्कृति और अपने देश की आत्मा से खोजा जाता है ये मोदी से सीख रहे हैं।, इसलिए कहा जाता है मोदी है तो मुमकिन है।