भूली बिसरी चेंबर की: पारस तो संयुक्त अध्यक्ष पद के लिये भी तैयार थे ....?
ग्वालियर। बहुत कम लोगों को पता होगा कि जुलाई माह में संपन्न चेंबर आफ कामर्स के चुनावों में अध्यक्ष पद पर हारे व्हाईट हाउस प्रत्याशी पारस जैन संयुक्त अध्यक्ष पद पर भी लडने को तैयार थे, लेकिन व्हाईट हाउस के सर्वेसर्वा अरविंद अग्रवाल और जीएल भोजवानी के अडियल रवैये से पारस जैन को व्हाईट हाउस का अध्यक्ष प्रत्याशी जबरन बनाया गया था। जिस कारण व्हाईट हाउस के निवर्तमान अध्यक्ष डा प्रवीण अग्रवाल को बागी होकर अध्यक्ष का चुनाव लडना पडा था, नतीजन वहीं हुआ कि पारस जैन डा प्रवीण अग्रवाल के सामने टिक भी नहीं पाये और बुरी तरह चुनाव हारे।
आपको बता दें कि व्हाईट हाउस पर निवर्तमान हो रहे चेंबर अध्यक्ष डा प्रवीण अग्रवाल ने एक कार्यकाल और मांगा था, लेकिन व्हाइट हाउस के चाणक्य माने जाने वाले अरविंद अग्रवाल को डा प्रवीण अग्रवाल की बढती लोकप्रियता राजनैतिक वर्चस्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से नजदीकियां रास नहीं आ रहीं थीं। इसी कारण डा प्रवीण अग्रवाल उनकी आंखों की किरकिरी बने हुये थे। उन्होंने एक तीर से दो शिकार किये। एक तो डा प्रवीण अग्रवाल को व्हाईट हाउस से बाहर का रास्ता दिखाया व अगली बार होने वाले अध्यक्ष पद दावेदार पारस जैन को भी निपटवा दिया। ताकि अगले चेंबर आफ कामर्स के चुनावों में वह प्रशांत गंगवाल के लिये रास्ता खोलकर डा वीरेन्द्र गंगवाल का अहसान उतार सकें।
पारस जैन संयुक्त अध्यक्ष के लिये मान गये थे
अंदर की खबर यह है कि चेंबर में अध्यक्ष पद पर हारे पारस जैन डा प्रवीण अग्रवाल की अध्यक्ष पद पर दोबारा चुनाव लडने की इच्छा के कारण संयुक्त अध्यक्ष पद पर तैयार भी हो गये थे। डा वीरेन्द्र गंगवाल भी तैयार थे कि पारस जैन को संयुक्त अध्यक्ष पद पर ले आयें। लेकिन अरविंद अग्रवाल , जीएल भोजवानी व क्रियेटिव हाउस के तीन प्रमुख सदस्य डा प्रवीण अग्रवाल को निपटाने के लिये पूरा ताना -बाना रचे हुये थे। इसमें से क्रियेटिव हाउस के एक प्रमुख नेता अपने भाई को भी चुनाव जितवा नहीं पाये।
सबका खेल प्रवीण को हटाने का था
व्हाईट और क्रियेटिव हाउस दोनों के प्रयास डा प्रवीण अग्रवाल को चेंबर से बाहर करने के थे, लेकिन डा प्रवीण अग्रवाल के लिये वह लोग सामने आये जिनकी कभी उन्होंने मदद की थी। स्वयं केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी डा प्रवीण अग्रवाल के लिये साफ्ट कार्नर में थे। उन्होंने गत दिवस चेंबर में आयोजित कार्यक्रम में कह भी दिया कि डा प्रवीण अग्रवाल चक्रव्यूह भेदकर आये है।