इंदौर में मेडिकल क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि: संपूर्ण ने लॉन्च किया एमपी का पहला ब्लड टेस्ट, लक्षण दिखने से 15 साल पहले अल्जाइमर की पहचान संभव




*इंदौर में अल्जाइमर की समय से पहले हो सकेगी पहचान, संपूर्ण ने लॉन्च किया एमपी का पहला ब्लड टेस्ट*

*इंदौर,  :मध्य प्रदेश में बीमारी की समय से पहले पहचान और रोकथाम की दिशा मेंसंपूर्ण सोडानी डायग्नोस्टिक क्लिनिकने अल्जाइमर की शुरुआती पहचान के लिए नयाब्लड बायोमार्कर टेस्टलॉन्च किया है। इस एडवांस डायग्नोस्टिक टेस्ट की मदद से अल्जाइमर से जुड़े दिमाग में होने वाले बदलावों का पतायाददाश्त कमजोर होने जैसे लक्षण आने से 10 से 15 साल पहलेतक लगाया जा सकता है। इससे बीमारी की जल्दी पहचान कर सही समय पर आगे की जांच और इलाज की दिशा में कदम उठाने में मदद मिल सकती है।
अल्जाइमर दुनिया भर में डिमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक है। अक्सर इसकी पहचान तब होती है, जब याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता पर इसका असर काफी बढ़ चुका होता है। अब तक अल्जाइमर की पुष्टि के लिएसेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (सीएसएफ) टेस्टयाएमिलॉयड पीईटी स्कैनजैसे तरीकों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। सीएसएफ टेस्ट के लिए स्पाइनल टैप जैसी दर्दनाक प्रक्रिया करनी पड़ती है। वहीं, दोनों जाँचें महँगी हैं और आसानी से हर जगह उपलब्ध भी नहीं हैं। इंदौर में अल्जाइमर के लिए एमिलॉयड पीईटी स्कैन की सुविधा भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में, परिवारों को जाँच के लिए दूसरे बड़े शहरों में जाना पड़ता है।
संपूर्ण हेल्थकेयर के प्रवक्ता ने कहा,“यह नया ब्लड टेस्ट आम लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। यह दर्दनाक और आसानी से उपलब्ध न होने वाली जाँचों की जगह इंदौर में ही एक आसान, बेहद सटीक और कम तकलीफ वाली जांच का विकल्प देता है। जल्दी बीमारी का पता चलने से मरीज और उनके परिवार सही मेडिकल फैसले ले सकते हैं, इलाज के लिए सही समय पर कदम उठा सकते हैं और भविष्य की बेहतर योजना बना सकते हैं।”
यह एडवांस ऑटोमेटेड टेस्ट अल्जाइमर से जुड़े दो महत्वपूर्णबायोमार्कर्स, पीटाउ217(pTau217)और एबीटा42(Aβ42)की जाँच करता है। ये दोनों अल्जाइमर से जुड़े बदलावों की पहचान में अहम भूमिका निभाते हैं।
अल्जाइमर ब्लड बायोमार्कर टेस्ट किन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है:

50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग
ऐसे लोग जिन्हें शुरुआती दौर में याददाश्त से जुड़ी परेशानी या कॉग्निटिव डिक्लाइन महसूस हो रहा हो
जिनके परिवार में अल्जाइमर या डिमेंशिया का इतिहास रहा हो
वे मरीज जिन्हें न्यूरोलॉजिस्ट या फिजिशियन ने कॉग्निटिव असेसमेंट की सलाह दी हो
इस टेस्ट के लिए सिर्फ के2 ईडीटीएप्लाज्मा सैंपल की जरूरत होती है और इसके अत्यधिक विश्वसनीय रिजल्ट 24 घंटे के भीतर मिल जाते हैं।

डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में 34 से ज्यादा वर्षों की उत्कृष्टता के साथ संपूर्ण हेल्थकेयर सेंट्रल इंडिया में नेक्स्ट-जेनरेशन डायग्नोस्टिक टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने के अपने प्रयास को लगातार आगे बढ़ा रहा है। इससे मरीजों की बेहतर देखभाल और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के बेहतर नतीजों में मदद मिल रही है।

posted by Admin
14

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->