- मानव अधिकार आयोग अवधेश प्रताप सिंह चर्चा में बोले
ग्वालियर। मानवाधिकारों के उल्लंघन पर मानव अधिकार आयोग बेहद सजग है और पूरे प्रदेश में मानवाधिकारों के प्रति उल्लंघन मामलों को तुरंत संज्ञान भी ले रहा है। वैसे भी मानव अधिकार कार्य एक सेवा का कार्य है इसे प्रदेश में हम और सक्रियता से मानव अधिकारों के संरक्षण के लिये भी अभियान चला रहे है। अब मानव अधिकार आयोग ने प्राकृतिक आपदा सहित सांप, जहरीले जानवर , टायगर अटैक के मामलों में भी राहत राशि में लेट लतीफी को संज्ञान में लिया है और ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आयोग कार्रवाई भी करने में नहीं हिचकेगा।
उक्त बात मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कही। ग्वालियर में अपने प्रवास के दौरान मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि आयोग मानवाधिकारों के संरक्षण में सजग है जब मानवाधिकारों का संरक्षण होगा तभी समस्त समाज भी सशक्त होगा। आयोग ने लंबित मामलों को भी तेजी से निपटाने के निर्देश दिये है। आयोग अध्यक्ष सिंह ने कहा कि उन्हें प्रदेश में प्रवास के दौरान कई स्थानों पर अचंभा भी लगा कि कुछ जिलों में कलेक्टर कार्यालयों में प्राकृतिक आपदा से लेकर सांप, जहरीले जानवर व टाइगर अटैक के मामलों में भी 6 माह तक राहत राशि आर्थिक सहायता के प्रकरण लंबित है। जबकि यह प्रकरण तो 15-20 दिन या अधिक से अधिक एक माह में निराकृत हो जाने चाहिये।
मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने जिलों के कलेक्टरों को कहा है कि ऐसे प्रकरणों को लंबा न खींचें। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उन्हें पता चला कि एक प्रायमरी शिक्षक 6 वर्ष से अपनी पेंशन के लिए भटक रहा है , तो उन्हें अचंभा लगा, उन्होंने उसका प्रकरण तीन माह में निराकृत करने के आदेश दिये है। सिंह ने बताया कि आपदा राहत में उन्होंने 3 करोड की राशि भी जरूरतमंदों को तत्काल दिलवाई है| आयोग अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि वह आजकल पूरे प्रदेश में अधिकतर ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों का भ्रमण कर आम आदमी को उसके मानवाधिकारों के हनन पर न्याय दिलाने का काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जेल में भी मानवाधिकारों का विशेष ध्यान रखने की बात कही है। सिंह ने कहा कि मीडिया के प्रतिनिधियों की जानकारी तत्काल मिलती है, जहां वह मानव अधिकार आयोग की टीम भी तत्काल भेज रहे है। मीडिया के साथियों के मानवाअधिकारों का भी संरक्षण करना भी प्राथमिकता है।
मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि लोक सेवक का कर्तव्य है कि वह मानव अधिकारों का जहां कहीं भी उल्लंघन हो उसका संरक्षण करें और पूरी संवेदनशीलता भी बरतें। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की प्रताडना के मामले में भी उन्होंने कार्रवाई को कहा है। उन्होंने कहा कि लोक सेवक अपने यहां आने वाले पीडित व दुखी व्यक्ति की त्वरित सुनवाई करें उसमें वह लेट लतीफी न करें। इस अवसर पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग शिकायत प्रकोष्ठ ग्वालियर के डॉ. दीपक शर्मा भी उपस्थित थे।
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