(हितेन्द्र सिंह भदौरिया)
ग्वालियर। बरसात का मौसम आते ही करहिया से डोंगरपुर मार्ग पर स्थित रिछारखुर्द, स्याऊ और जयर्थी सहित आसपास के गाँवों के लोगों की चिंता बढ़ जाती थी। पुल नहीं होने के कारण आवागमन बाधित हो जाता था। मरीजों को अस्पताल पहुँचाने, बच्चों को स्कूल जाने और किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित नए पुल ने इस क्षेत्र में निवासरत लगभग 19 हजार की आबादी के जीवन में विकास की नई राह खोल दी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 61 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर करीबन 2 करोड़ 74 लाख की लागत आई है। ग्वालियर जिले के विकासखंड भितरवार में करहिया (एमडीआर) से डोंगरपुर (एमडीआर) मार्ग पर आरडी 4000 मीटर यह पुल बनाया गया है। पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल गई है। अब किसानों को अपनी कृषि उपज मुख्य मंडियों तक पहुँचाने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। विद्यार्थियों का स्कूल और कॉलेज तक पहुँचना आसान हो गया है। स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुँच सुनिश्चित होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। बरसात के दिनों में भी लोगों का दैनिक जीवन पहले की तरह प्रभावित नहीं होता। इस क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यह पुल केवल ईंट-पत्थर और कंक्रीट का निर्माण भर नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास, ग्रामीणों की सुविधा और उनके सपनों को नई उड़ान देने वाली एक मजबूत कड़ी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना भितरवार क्षेत्र के लोगों के जीवन में आए सुखद बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण बनकर सामने आई है। क्षेत्रीय निवासी सरकार के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहते हैं कि पुल बनने से हमारे क्षेत्र के गाँव करीब आ गए हैं। साथ ही सुविधाओं की दूरी भी हमसे कम हो गई है।