प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, ग्वालियर में बी.बी.ए. विद्यार्थियों के लिए ‘दीक्षारंभ-2026’ का शुभारंभ



’’ज्ञान, संस्कार और उत्कृष्टता की ओर पहला कदम’’

’’ग्वालियर।’’ प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (पीआईएमआर), ग्वालियर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित बी.बी.ए. विद्यार्थियों के लिए ’’दीक्षारंभ-2026’’ ओरिएंटेशन कार्यक्रम का गरिमामय शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, नैतिक मूल्यों, नवाचार, नेतृत्व क्षमता तथा व्यावसायिक उत्कृष्टता से परिचित कराना था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ’’प्रोफेसर डॉ. ऋतुपर्णा बसु, आईएमआई (आईएमआई), कोलकाता’’ थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के ’’निदेशक डॉ. निर्मल्य बंद्योपाध्याय’’ ने की। इस अवसर पर ’’प्रो. रामचंद्रन
कृष्णमूर्ति’’, डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, ग्वालियर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में ’’प्रो. डॉ. ऋतुपर्णा बसु’’ ने विद्यार्थियों से कहा कि उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों, नवाचार और नेतृत्व क्षमता के विकास का सशक्त मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु, अनुशासित और निरंतर सीखने वाला बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि बदलते वैश्विक परिवेश में सफलता वही प्राप्त करता है जो नई चुनौतियों को अवसर में बदलने का साहस रखता है।

’’निदेशक डॉ. निर्मल्य बंद्योपाध्याय’’ ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि प्रेस्टीज संस्थान विद्यार्थियों को केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान, नवाचार तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भी जागरूक बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों का संस्थान परिवार में स्वागत करते हुए उन्हें अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, नवाचार और व्यक्तित्व विकास के प्रत्येक अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसे सक्षम, संवेदनशील और उत्तरदायी प्रबंधकों का निर्माण करना है, जो समाज और उद्योग दोनों में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकें।

’’प्रो. रामचंद्रन कृष्णमूर्ति’’, डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदलते व्यावसायिक परिवेश में सफलता केवल ज्ञान से नहीं, बल्कि सही दृष्टिकोण, प्रभावी संचार, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान क्षमता तथा निरंतर सीखने की प्रवृत्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, अनुशासन को जीवन का आधार बनाने तथा प्रत्येक अवसर को सीखने के माध्यम के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में ’’बी.बी.ए. प्रोग्राम कोर्डिनेटर डॉ. स्नेहा राजपूत’’ ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए बी.बी.ए. कार्यक्रम की संरचना, पाठ्यक्रम, शैक्षणिक प्रक्रियाओं, मूल्यांकन प्रणाली तथा संस्थान द्वारा उपलब्ध विभिन्न अकादमिक एवं सह-पाठ्यक्रम अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का सफल समन्वयन ’’डॉ. अभय दुबे’’ एवं ’’श्री राम पालीवाल’’ द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संस्थान की विभिन्न अकादमिक, नवाचार, सांस्कृतिक, खेल एवं छात्र विकास गतिविधियों से भी परिचित कराया गया।

कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारीगण, कर्मचारी, नवप्रवेशित बी.बी.ए. विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा तथा नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अपने नए शैक्षणिक जीवन की प्रेरणादायी शुरुआत की।

posted by Admin
23

Advertisement

sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
sandhyadesh
Get In Touch

Padav, Dafrin Sarai, Gwalior (M.P.)

98930-23728

sandhyadesh@gmail.com

Follow Us

© Sandhyadesh. All Rights Reserved. Developed by Anuj Mathur

<1-------Google-aNALY-------->